संभल के बाद अब अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा, राजेंद्र गुढ़ा के निशाने पर सरकार

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न्यूज़लिंक हिंदी। संभल के बाद अब अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा, पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि 11वीं सदी में बनी दरगाह के इतिहास को लेकर बहुत बड़े दावे किए जा रहे हैं। यूपी की सम्भल जैसी घटना हम राजस्थान में नहीं होने देंगे।

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को लेकर पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने गुरुवार को दरगाह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था में फेल हो चुकी है। सरकार मंदिर-मस्जिद विवाद में पूरी तरह से फंसी हुई है।

उन्होंने कहा कि 11वीं सदी में बनी दरगाह के इतिहास को लेकर दावे किए जा रहे हैं। यूपी की सम्भल जैसी घटना हम राजस्थान में नहीं होने देंगे। सरकार को सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ पूर्ण कार्रवाई करनी चाहिए। गुढ़ा ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह अगर विवादित है तो यहां क्यों देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दूसरे देश के राष्ट्रपति चादर चढ़ाते हैं।

वहीं दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने ये बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह का इतिहास 800 साल पुराना है। सदियों पूर्व राजा-महाराजा, मुगल बादशाह, ब्रिटिश अधिकारी यहां आते जाते रहे हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि सदियों से प्रत्येक मजहब के लोग जियारत को आ रहे हैं। यह देश-दुनिया को सौहार्द का संदेश दे रही है। अब इसमें शिव मंदिर होने को लेकर याचिका दायर की गई है। देश की प्रत्येक मस्जिद में मंदिर होने को लेकर लगातार दावे किए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार को ऐसे दावे करने वाले कतिपय व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यूपी के सम्भल में हुई घटना में कई लोगों की मौत भी हुई है। ऐसे मामलों को गंभीरता से ही लेना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अजमेर दरगाह शरीफ का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में इस संबंध में किसी प्रकार की टिप्पणी करना बिल्कुल भी उचित नहीं होगा।

 

 

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