Kanpur: केडीए वीसी ने जनता दर्शन में पकड़ा कूटरचित दस्तावेज, 90 आवेदकों की सुनी समस्या

केडीए वीसी राकेश कुमार सिंह ने सुबह 11 से शाम चार बजे तक जनता दर्शन किया। इस दौरान लगभग 90 आवेदकों को सुना गया एवं सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी को पत्रावली और अभिलेखों के साथ बुलाकर आवेदक के प्रार्थना पत्रों का परीक्षण करने के निर्देश दिये।

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न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। केडीए वीसी राकेश कुमार सिंह ने गुरुवार को जनता दर्शन में कूटरचित दस्तावेज पकड़ा। आवेदक की फोटो बदलकर कुछ लोग रजिस्ट्री कराने का प्रयास कर रहे थे। जिसपर जांच बैठाते हुये तत्काल रजिसट्री की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने प्रकरण की गंभीरता से जांच कर आरोपियों के खिलाफ थाने में एफआईआर कराने के निर्देश दिये हैं।

केडीए वीसी राकेश कुमार सिंह ने सुबह 11 से शाम चार बजे तक जनता दर्शन किया। इस दौरान लगभग 90 आवेदकों को सुना गया एवं सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी को पत्रावली और अभिलेखों के साथ बुलाकर आवेदक के प्रार्थना पत्रों का परीक्षण करने के निर्देश दिये। जनता दर्शन में कनक रेखा पत्नी सुनील बाबू द्वारा भूखण्ड संख्या-531 एमआईजी, फेस-3, तात्या टोपे नगर की रजिस्ट्री कराये जाने का अनुरोध किया गया।

वीसी ने भूखण्ड की पत्रावली के साथ जोनल विक्रय प्रभारी एवं सम्बन्धित लिपिक को बुलाया तो पता चला कि भूखण्ड का आवंटन संतलाल के पक्ष में किया गया था, इस बीच मूल आवंटी संतलाल की मृत्यु हो जाने के कारण भूखण्ड का नामान्तरण पारिवारिक सदस्यता के आधार पर समस्त औपचारिकता पूरी कराते हुये कनक रेखा के पक्ष में किया गया।

इसी दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा आवेदन फार्म में आवेदक की फोटो बदलकर एवं कूटरचना के के माध्यम से रजिस्ट्री कराये जाने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन प्रकरण के संज्ञान में आने पर तत्काल् रजिस्ट्री की कार्यवाही रोकते हुए जांच एवं परीक्षण को निर्देशित किया गया। केडीए वीसी ने जोनल विक्रय प्रभारी अजय कुमार (विशेष कार्याधिकारी) को निर्देशित किया कि प्रकरण की गहनता से जांच करें और पत्रावली में किसी प्रकार की छेड़-छाड़ की गयी है तो इस प्रकार के अपराधिक कृत्य के लिए उत्तरदायी व्यक्ति के विरूद्ध सम्बन्धित थाने में एफआईआर भी दर्ज करायी जाये।

समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता दर्शन में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीसी ने सख्त हिदायत दी कि आम-जनमानस द्वारा प्रेषित प्रार्थना पत्रों, आवेदन पत्रों का समयबद्ध रूप से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करायें, यदि किसी व्यक्ति द्वारा अभिलेखों में किसी प्रकार की छेड़-छाड़ अथवा किसी कर्मी से दुरभिसंधि कर कोई कूटरचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए पाया गया तो उसके विरूद्ध विधिक रूप से कठोर कार्यवाही की जाये।

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