KANPUR : अब थमेगा बंदरों का आतंक, शासन के निर्देश पर वन विभाग ने नगर निगम को सौंपा बंदर पकड़ने का काम

शासन के निर्देश पर नगर निगम ने शहर से बंदरों को पकड़ना शुरू कर दिया है। नगर निगम ने पहली बार बाबूपुरवा और किदवई नगर में अभियान चलाकर 50 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा है। विभाग अब छुट्टियां खत्म होते ही वृहद स्तर पर शहर में अभियान भी चलायेगा।

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न्यूज़लिंक हिंदी, कानपूर। शासन के निर्देश पर नगर निगम ने शहर से बंदरों को पकड़ना शुरू कर दिया है। नगर निगम ने पहली बार बाबूपुरवा और किदवई नगर में अभियान चलाकर 50 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा है। विभाग अब छुट्टियां खत्म होते ही वृहद स्तर पर शहर में अभियान भी चलायेगा। इसके लिए कैटिल कैचिंग विभाग ने रूप-रेखा भी तैयार कर ली है। उप मुख्य पशुचिकत्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि अभी दिवाली पर बाहर आया हूं, शहर आने के बाद से बंदर पकड़ने का अभियान लगातार चलेगा।

शहर में बंदरों को पकड़ने में वन विभाग और नगर निगम के बीच चल रही खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। शासन के निर्देश पर शहर में बंदरों को नगर निगम ही पकड़ेगा। इसके लिए वन विभाग ने लिखापड़ी में पत्र भी नगर निगम को भेजा है। जिसके बाद दो दिन ट्रायल के आधार पर नगर निगम ने अभियान चलाया इस दौरान दक्षिण क्षेत्र में बंदरों को पकड़ा है।

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इससे पहले शहर में कटखने बंदरों को पकड़ने को लेकर नगर निगम और वन विभाग हमेशा से आमने-सामने आ जाते थे। क्योंकि बंदर वन्य जीव है, इसलिए नगर निगम कहता था कि इनके संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग की होती है। वहीं, शहर में बंदरों के आतंक को लेकर यह जिम्मेदारी नगर निगम के कैटिल कैचिंग विभाग पर डाल दी जाती थी। हालांकि, 2019 में नगर निगम के बंदरों को पकड़ने का ठेका एक प्राइवेट संस्था को दिया था। जिसने अब काम बंद कर दिया था। अब एक बार फिर से शासन ने बंदरों को पकड़ने का काम नगर निगम को दे दिया है।

वनों में छोड़ने की तैयारी
नगर निगम जो भी बंदर पकड़ेगा उसे शहर के बाहर क्षेत्रों, वनों, जंगलों में छोड़ा जायेगा। क्योंकि बंदर वन्य जीव हैं इसलिये इनको कैद रखना उपर्युक्त नहीं है। इसस पहले भी नगर निगम का कहना था कि यदि हम बंदरों को पकड़ भी लें तो इनको कहां रखा जाएगा। इनके लिए तो जंगल या वन ही उपर्युक्त रहेंगे। शासन के निर्देश के बाद वन विभाग और नगर निगम में आपसी सामंजस्य बना लिया है। अब नगर निगम बंदरों को पकड़ने के बाद वन विभाग के सहयोग से वनों व जंगलों में छोड़ेगा।

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वर्जन :
शासन के निर्देश पर वन विभाग ने हमको पत्र लिखा था। जिसके बाद हमने दो जगहों से बंदरों को पकड़ा है। त्योहार के बाद बड़े स्तर पर शहर से बंदर को पकड़ने का अभियान चलेगा। – डॉ. आरके निरंजन, उप मुख्य पशुचिकत्सा अधिकारी।

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