न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। इटावा के सराय भूपत रेलवे क्रासिंग पर डाउन दरभंगा एक्सप्रेस स्पेशल नंबर 2570 के यात्री डिब्बे में अचनाक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने से करीब आठ यात्री झुलस गए। आसपास के ग्रामीण और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू किया, लेकिन तब तक दो कोच पूरी तरह से धू-धू कर जल गये। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। आग लगने वाली बोगी को ट्रेन से अलग किया गया। अब हालात सामान्य है।
नई दिल्ली से दरभंगा जा रही 02570 डाउन एक्सप्रेस बुधवार शाम को इटावा के सरायभूपत रेलवे स्टेशन पर बर्निंग ट्रेन बन गई। ट्रेन जैसे ही जसवंतनगर स्टेशन को क्रॉस करके सराय भूपत रेलवे स्टेशन पहुंची, यहां अचानक स्लीपर एस-वन कोच में आग की लपटें उठने लगीं। इससे आठ यात्री बुरी तरह से झुलस गए। गार्ड की सूचना पर लोको पॉयलट ने ट्रेन रोक दी। तब कोच में बैठे अन्य यात्रियों ने कूद कर अपनी जान बचाई। थोड़ी ही देर में पूरी बोगी में आग तेजी से फैल गई। सीपीआरओ एनसीआर
हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि आग लगने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। आग पर काबू पा लिया गया है। ट्रेन के यात्रियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रेल कर्मचारियों और अधिकारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा होते बच गया है। जांच शुरू हो गई है।
ठप हो गया रेलमार्ग
फायर ब्रिगेड ने एक घंटे बाद आग पर काबू पा लिया। शाम साढ़े पांच बजे से दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग ठप हो गया। आग लगने से एस वन कोच पूरी तरह जल गया। वहीं एस टू, एस थ्री और एसएलआर कोच में भी आंशिक नुकसान हुआ है। आग लगने का प्रारंभिक कारण कोच में लगे सिलेंडर की आकृतिनुमा उपकरण (कंडेशनर) का फटना माना जा रहा है।
पटाखा विस्फोट की जताई जा रही आशंका
साथ ही यह भी माना जा रहा है कि कोई झोले में पटाखा ले जा रहा होगा उसमें विस्फोट हुआ। लेकिन रेलवे अधिकारी जांच के बाद वास्तविक कारण पता चल पाने की बात कह रहे हैं। जांच शुरू हो गई है। घटना बुधवार शाम 5 बजकर 33 मिनट पर हुई। नई दिल्ली से दरभंगा जा रही दरभंगा एक्सप्रेस करीब 5 बजकर 33 मिनट पर सराय भूपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
एस वन स्लीपर कोच में अचानक एक धमाका हुआ और उसके बाद धुआं उठने के साथ ही आग की लपटें उठने लगीं। यात्रियों ने देखा तो शोर मचाया। गार्ड ने तुरंत चालक को इसकी जानकारी दी। चालक ने ट्रेन रोक दी। गाड़ी रुकते ही कोच में भगदड़ मच गई। यात्री एक एक करके कूद कूद कर अपनी जान बचाने को भागने लगे। कोच से कूदते समय आठ यात्री झुलस गए जिन्हें पुलिस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया गया। कुछ और यात्री मामूली रूप से चुटहिल हुए। आग की सूचना पर अन्य बोगियों के यात्री भी डर कर नीचे उतर आए। आधे घंटे बाद दमकल, डीएम अवनीश राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा, स्टेशन अधीक्षक बीएल मीणा समेत कई थानों का फोर्स पहुंच गया।
कानपुर से भी अधिकारी पहुंचे। एक घंटे में दमकल ने आग पर काबू पा लिया। एस वन कोच आग से जलकर पूरी तरह से राख हो गया। इस हादसे से दिल्ली-हावड़ा रूट ठप हो गया। शताब्दी एक्सप्रेस समेत करीब 16 गाड़ियां इधर-उधर स्टेशनों पर रुकी रहीं। रेलवे व अन्य अधिकारी हादसे में घायल यात्रियों का हालचाल लेने अस्पताल भी पहुंचे।
करंट पास करता है कंडेशनर
कंडेशनर बोगी के नीचे एक सिलेंडरनुमा आकृति का उपकरण होता है। यह उपकरण ओएचई से आने वाली पॉवर सप्लाई को कोच तक संतुलित रूप से पहुंचाने का काम करता है। कंडेशनर से होकर आने वाले करंट से ही कोच में मौजूद पंखे और बल्ब को जलाया जाता है।
हादसे में घायलों के नाम
1. दयानंद पुत्र हरदेव मंडल नंद निवासी ग्राम शंकर लोहार जिला दरभंगा बिहार
2. रौनक राज पुत्र दयानंद मंडल निवासी ग्राम शंकर लोहार जिला दरभंगा बिहार
3. मनोज चोपाल पुत्र राम चोपाल निवासी बेनीपुर जिला दरभंगा
4. हरेंद्र यादव पुत्र रामविलास ग्राम उसमामठ थाना पतोंर जिला दरभंगा
5. टिल्लू मुखिया पुत्र कारी मुखिया ग्राम गुसवा थाना अलीनगर जनपद दरभंगा
6-कंचन देवी पत्नी दयानंद 40 वर्ष दरभंगा बिहार
7-सुनीता देवी पत्नी मोहनलाल 65 वर्ष दयानंद की मां हैं।
8-आकृति पुत्री दयानन्द

