न्यूज़लिंक हिंदी। क्रिकेट विश्वकप का फाइनल मुकाबला रविवार को अहमदाबाद में होगा। इस विश्वकप फाइनल से पहले शहर के लोगों की 40 साल पहले की यादें ताजा हो गईं, जब भारत ने पहली बार 25 जून, 1983 को दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज की टीम को हराया था। रेडियो पर लोगों ने मैच की कमेंट्री सुनी थी और सुबह के अखबार में भारतीय टीम के जीतने की खबर देखी।

विश्वकप जीतने के बाद कपिल देव के नेतृत्व वाली टीम जब कुछ समय बाद आगरा आई तो स्टेडियम में 30 हजार लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया था। तब मानो पूरा शहर खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ा था। होटल क्लार्क्स शिराज में स्टेडियम के समारोह के बाद जब क्रिकेट खिलाड़ी दोपहर में भोज के लिए पहुंचे तो प्रशंसकों ने होटल के शीशे ही तोड़ दिए।
रेडियो पर सुनी थी तब कमेंट्री
1982 के एशियाड गेम्स के दौरान टीवी घरों में खरीदा जाने लगा, लेकिन तब केवल चुनिंदा घरों में ही टीवी थे। अधिकांश लोग रेडियो पर ही मैच की कमेंट्री सुनते थे। होटल कारोबारी रमेश बाधवा बताते हैं कि आज की तरह टीवी स्क्रीन तो थी नहीं, दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच का हाल रेडियो पर सुना। रेडियो भी कॉलोनियों में कुछ घरों में ही था, जिस पर बार-बार व्यवधान भी आता था। रणजी टीम के खिलाड़ी केके शर्मा बताते हैं कि वह उन दिनों सीके नायडू टूर्नामेंट में प्रदेश की क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। उन्होंने भारतीय टीम के जीतने की खबर अगले दिन अमर उजाला में पढ़ी तो खुशी का ठिकाना न रहा। तब ट्रांजिस्टर की अनुमति भी नहीं थी।
दोपहर में आई आंधी, फिर टीम ने मचाया कहर
क्रिकेट प्रशंसक ललितेंद्र कुमार बताते हैं कि जिस दिन 1983 में भारत फाइनल मैच खेल रहा था, उस दिन तेज आंधी आई थी। कुछ दोस्तों के घर ब्लैक एंड व्हाइट टीवी थे, लेकिन पूरे शहर की लाइट गुल हो गई थी। तब रेडियो पर आंखों देखा हाल सुना। वेस्टइंडीज के हर विकेट के साथ जोर से चिल्लाते तो परिवार के लोग शांत कर देते।
कपिल देव के कैच ने बनाया था मैच
वेस्टइंडीज ने भारत को 183 रन पर समेट दिया था और इस टारगेट का पीछा करते हुए एक वक्त 1 विकेट के नुकसान पर 50 रन बना लिए थे। विवियन रिचर्ड्स अपने अंदाज में बैटिंग कर रहे थे और 7 चौके की मदद से 28 गेंद में 33 रन ठोक चुके थे। लेकिन, मैच का पासा अचानक पलटा, जब रिचर्ड्स ने मदन लाल की एक गेंद पर बड़ा शॉट मारने की कोशिश की, गेंद हवा में काफी ऊपर गई और कपिल देव ने पीछे की ओर दौड़ते हुए शानदार कैच लपका। इसके बाद तो वेस्टइंडीज के विकेटों का ऐसा पतझड़ लगा कि 76 रन के स्कोर पर 6 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए।
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अमरनाथ ने फाइनल में 3 विकेट लिए थे
क्रिकेट की दुनिया में ये आहट होने लगी कि बड़ा उलटफेर होने वाला है और ऐसा ही हुआ। मोहिंदर अमरनाथ ने 52वें ओवर की आखिरी गेंद पर माइकल होल्डिंग को क्लीन बोल्ड कर वेस्टइंडीज को 140 रन पर ढेर कर भारत को विश्व चैंपियन बना दिया। फाइनल में अमरनाथ को मैन ऑफ द मैच चुना गया था। उन्होंने 26 रन बनाने के साथ तीन विकेट भी लिए थे। वो सेमीफाइनल के भी प्लेयर ऑफ द मैच थे। फाइनल में कृष्णमाचारी श्रीकांत (38) टॉप स्कोरर थे।

