न्यूज़लिंक हिंदी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के कैप्टन स्तर के दो अधिकारी शहीद हो गए जबकि एक जवान घायल हो गया। अधिकारियों ने बुधवार (22 सितंबर) को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घायल जवान को उपचार के लिये अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षाबलों ने मौके पर दो आतंकियों को घेर लिया और भीषण मुठभेड़ जारी है। उन्होंने कहा कि आतंकियों को मार गिराने के लिए और अधिक जवानों को भेजा गया है।

बुधवार सुबह 10 बजे शुरु हुई मुठभेड़ रात 7 बजे तक जारी रही। अंधेरा होने के कारण नाै घंटे बाद गोलीबारी बंद कर दी गई है लेकिन सुरक्षाबलों ने दोनों दहशतगर्दों को घेरा डाल रखा है। बलिदान अधिकारियों की पहचान कर्नाटक के कैप्टन एमवी प्रांजल, 63 आरआर/ सिग्नल, आगरा के कैप्टन शुभम, 9-पैरा और जम्मू के पुंछ के हवलदार माजिद, 9-पैरा के रूप में हुई है। एक बलिदानी की पहचान अभी नहीं बताई गई है। 9 पैरा के मेजर मेहरा के हाथ और छाती में चोट आई है। उन्हें उधमपुर के कमांड अस्पताल में एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया है। यहां उनकी हालत स्थिर है। एक घायल जवान का इलाज राजोरी में 50 जनरल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल शहीदोें और घायलों की पहचान को लेकर सेना कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम इलाके में दो आतंकियों के मौजूद होने की सूचना के बाद से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान चार दिन से तलाशी अभियान चला रहे थे। रविवार शाम को सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि ब्रेवी क्षेत्र में किसी घर में दो बंदूकधारी संदिग्ध लोग घुसे हैं और खाना खाने बाद फरार हो गए। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। ऑपरेशन में खोजी कुत्तों के अलावा ड्रोन से भी तलाशी ली जा रही थी।
सीआरपीएफ ने अपने कोबरा कमांडो भी आतंकियों की तलाश में उतारे थे। बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में घुसे आतंकियों को ढूंढ निकाला और इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई जो रात 7 बजे जाकर थमी। सैन्य सूत्रों ने बताया कि घिरे हुए दोनों आतंकवादियों को ढेर करने के लिए अतिरिक्त सैन्य बल बुलाए गए हैं। घेरे को और मजबूत बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करके ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। दोनों आतंकवादी विदेशी नागरिक प्रतीत होते हैं और रविवार से इलाके में घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पूजा स्थल में शरण ले रखी थी।

