गाजा इस्राइल के 13 बंधकों की रिहाई के साथ आज से युद्धविराम ,14 हजार मौतों के बाद इजराइली हमले बंद , 4 दिन का सीजफायर शुरू , आज 13 बंधकों के बदले 39 फिलिस्तीनी रिहा होंगे , जानिए आगे

0
161

न्यूज़लिंक हिंदी , इजराइल-हमास में 49 दिन की जंग के बाद आज से 4 दिन के लिए युद्धविराम शुरू हो गया है। गाजा में 14 हजार से ज्यादा लोगों की मौत के बाद इजराइल ने हमले बंद कर दिए हैं। सीजफायर की शुरुआत सुबह 7 बजे (भारतीय समयानुसार 10:30 बजे) हुई। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक घड़ी में 7 बजते ही इजराइल ने गाजा में हमले बंद कर दिए हैं।

कतर और मिस्र की मध्यस्थता के बाद इजराइल और हमास युद्ध विराम के लिए राजी हुए थे। समझौते के तहत आज हमास बंधक बनाए गए 13 लोगों को 39 फिलिस्तीनियों के बदले शाम 4 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे) रिहा करेगा। हमास की तरफ से रिहा होने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हमास लड़ाके 7 अक्टूबर को 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक 4 दिन के सीजफायर के दौरान 150 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले कुल 50 बंधकों को छोड़ने पर सहमति बनी है। हमास ने समझौते में अल-शिफा अस्पताल खाली करने की भी शर्त रखी थी, जिसे इजराइल ने मानने से इनकार कर दिया। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हमास हर 3 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले 1 बंधक को छोड़ेगा।
इजराइल ने हमास नेवी के कमांड को मार गिराया
इस बीच, गुरुवार को इजराइली सेना ने हमास नेवी के कमांडर अमर अबु जलाला सहित कई लड़ाकों को मार गिराया। रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने सीजफायर से पहले सैनिकों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा- जब युद्ध दोबारा शुरू होगा, तब हम पूरी ताकत से लड़ेंगे। ये जंग अभी करीब 2 महीने और चलेगी। हमारा लक्ष्य हमास को पूरी तरह से मिटाना है। सीजफायर के दौरान हम हमास के ठिकानों का पता लगाकर, खुद को और तैयार करेंगे।
आकाल की कगार पर गाजा
गाजा के एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि इजराइली सेना स्कूलों, मस्जिदों पर हमला कर रही है। यहां कोई सेफ जगह नहीं बची है। राशन और जरूरी सामान यहां तक पहुंच नहीं पा रहा है। बिजली नहीं है और फ्यूल की कमी के कारण कुएं से पानी नहीं निकल रहा है। गाजा आकाल की कगार पर है।
हमास ने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया है। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।

वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here