Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने मुंबई हमले में जान गंवाने वाले लोगों को दी श्रद्धांजलि, कहा- उस दिन को नहीं भुलाया जा सकता

पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को देश को संबोधित करते हैं। वह अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित करते हैं।

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न्यूजलिंक हिंदी। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को देश को संबोधित करते हैं। वह अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 107 वां संस्करण संबोधित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए पीएम मोदी देश-विदेश के लोगों के साथ अपने मन की बात साझा करते हैं। इस कार्यक्रम का प्रसारण सुबह 11 बजे आकाशवाणी पर किया जाता है।

मुंबई हमले का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि आज 26 नवंबर की तारीख है, जिसे कभी भूला नहीं जा सकता है। आज के दिन ही हमारे देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने मुंबई समेत पूरे देश को हिला दिया था। ये भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और आज आतंक को कुचल रहे हैं।

मुंबई हमले में जान गंवाने वाले लोगों को दी श्रद्धांजलि
मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ‘आज 26 नवंबर है और इस दिन को हम कभी नहीं भूल सकते। आज ही के दिन देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने मुंबई और पूरे देश को थर्रा कर रख दिया था। लेकिन ये भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौंसले से आतंक को कुचल रहे हैं। मुंबई हमले में अपना जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं।’

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संविधान दिवस की दी बधाई
पीएम मोदी ने कहा कि 26 नवंबर का दिन एक वजह खास भी है। इस दिन ही संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया। 2015 में जब संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई जा रही थी, तब हमने 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया। मैं सभी देशवासियों को संविधान दिवस की बधाई देता हूं।

संविधान से जुड़ी बातों का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि संविधान को तैयार होने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। 60 देशों के संविधान के गहन अध्ययन के बाद हमारा संविधान तैयार हुआ है। उन्होंने बताया कि संविधान को अंतिम रूप देने से पहले उसमें 2000 से ज्यादा संशोधन किए गए थे। अब तक सभी सरकारों ने अपने-अपने हिसाब से 106 बार संविधान संशोधन किया है। पीएम मोदी ने कहा कि 44वें संशोधन के जरिए आपातकाल के समय हुई गलतियों को सुधारा गया था।

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हंसा मेहता को किया याद
पीएम मोदी ने बताया कि संविधान सभा के कुछ सदस्य मनोनीत किए गए थे, जिसमें से 15 महिलाएं थीं। ऐसी ही एक महिला हंसा मेहता जी ने महिलाओं के अधिकारों की बात की थी। पीएम मोदी ने कहा, “मेरे परिवारजनों, राष्ट्र निर्माण की कमान जब जनता-जनार्दन संभाल लेती है, तो दुनिया की कोई भी ताकत उस देश को आगे बढ़ने से नहीं रोक पाती है। आज भारत में भी स्पष्ट दिख रहा है कि कई परिवर्तनों का नेतृत्व देश की 140 करोड़ जनता ही कर रही है।”

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