न्यूज़लिंक हिंदी। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसके जंगी जहाज यूएसएस मेसन पर रविवार की रात हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले यमन के इलाके से बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया गया है। जंगी जहाज पर दो बार मिसाइल हमला हुआ। लेकिन इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ है। अमेरिका सेना ने बताया कि दोनों मिसाइलें अदन की खाड़ी में जहाज से 11 मील दूर गिरीं।
जहाज का अपहरण करने की कोशिश
यूएसएस मेसन आइजनहावर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एम/वी सेंट्रल पार्क नामक एक व्यापारिक जहाज को अगवा करने की कोशिश हुई थी। इसकी सूचना मिलने पर यूएसएस मेसन सेंट्रल पार्क जहाज की रक्षा के लिए पहुंचा था।
यूएसएस मेसन को देखकर व्यापारिक जहाज का अपहरण करने वाले समुद्री लुटेरे वहां से भागने लगे लेकिन यूएसएस मेसन ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद जब यूएसएस मेसन ऑपरेशन पूरा कर वापस लौट रहा था, तभी अदन की खाड़ी में उस पर मिसाइलों से हमला हुआ।
यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों पर लगाया आरोप
सेंट्रल पार्क जहाज एक टैंकर शिप है, जो फास्फोरिक एसिड लेकर जा रहा था और जिस वक्त पर उस पर हमला हुआ, जहाज पर क्रू के 22 सदस्य थे। सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। बता दें कि जिस जहाज का अपहरण करने की कोशिश की गई, वह लंदन स्थित जोडिएक मेरीटाइम कंपनी का है और यह इस्राइली अरबपति एअल ओफेर को जेडिएक ग्रुप का हिस्सा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने अभी तक अमेरिकी जहाज पर मिसाइल हमले को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं यमन की सरकार ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोहियों ने ही ये हमला किया था।
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आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भी हूती विद्रोहियों ने एक ट्रांसपोर्ट जहाज को जब्त किया था। जिस जहाज को जब्त किया गया था, वह भी इस्राइल से संबंधित था। दरअसल हूती विद्रोहियों ने इस्राइली जहाजों पर यमन की सीमा के नजदीक हमला करने की धमकी दी थी।

