न्यूज़लिंक हिंदी। खादिम हुसैन रिजवी लाहौर की पीर मक्की मस्जिद का इमाम बनाया गया था। वह इस्लामी धर्मशास्त्री अहमद रजा खान बरेलवी के प्रबल अनुयायी में से एक थे। अहमद रजा का जन्म बंटवारे से पहले भारत के बरेली में हुआ था।
प्रयागराज में बस कंडक्टर पर चापड़ से हमला कर के घायल करने वाले लारेब हाशमी के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब जानकारी सामने आई है कि लारेब पाकिस्तान के कट्टर मौलाना खादिम हुसैन रिजवी से काफी प्रभावित था।वह अपने भाषणों से बहुत फेमस थे।
खादिम हुसैन रिजवी बरेलवी विचारधारा के थे और इस्लामिक स्कॉलर, लेखक और तहरीक-ए-लब्बैक संगठन के संस्थापक थे। वह इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद के जीवन और उनके विचारों पर अपने भाषणों के लिए मशहूर थे। हुसैन रिजवी ने पाकिस्तान सरकार में भी काम किया था।
उन्हें कुरान मुजुबानी याद थी और वह इस्लामी धर्मशास्त्री अहमद रजा खान बरेलवी के प्रबल अनुयायी थे। अहमद रजा खान का जन्म 19वीं सदी में अविभाजित भारत के बरेली में हुआ था और उन्होंने बरेलवी विचारधारा की स्थापना की थी। खादिम हुसैन ने अहमद रजा खान को श्रद्धांजलि के रूप में रिजवी नाम अपनाया था।
जब पाकिस्तान सरकार ने हुसैन रिजवी को लाहौर की पीर मक्की मस्जिद का इमाम बनाया तो उनके भाषण बहुत पसंद किए जाने लगे और उनकी पॉपुलेरिटी भी काफ बढ़ गई,उन्हें अल्लामा इकबाल की शायरी का शौक था।
पाकिस्तानी मौलाना खादिम हुसैन रिजवी पाकिस्तान के चरमपंथी धार्मिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक का संस्थापक था। उसे पाकिस्तान में कट्टर कानूनों का समर्थक माना जाता था। कुछ समय पहले जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बोलने की आजादी को अधिकार बताते हुए इस्लाम की आलोचना का समर्थन किया था तो खादिम हुसैन ने पूरे देश में बड़े स्तर पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
लारेब ने क्यों किया बस कंडक्टर पर हमला
हरिकेश विश्वकर्मा पर चापड़ से हमला करने के पीछे की वजह बताते हुए लारेब हाशमी ने कहा कि बस कंडक्टर ने उसके दोस्तों के सामने उसकी बेइज्जती की, जिस वजह से उसने ऐसा किया। उसने कहा कि बस कंडक्टर ने उससे कहा था कि तुम्हारे जैसे दाढ़ी वाले बहुत देखे हैं और ये बात लारेब को बहुत बुरी लगी,उसका कहना है कि हरिकेश को सबक सिखाने के लिए उसने ऐसा किया और वीडियो इसलिए बनाया ताकि लोगों को इसके बारे में पता चल सके।

