न्यूज़लिंक हिंदी। चीन में तेजी से फैल रहे इन्फ्लूएंजा और माइक्रो प्लाज्मा निमोनिया को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से बच्चों में निमोनिया के मामलों का तत्काल पता लगाने और अस्पतालों में ऑक्सीजन तथा बेड की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। चीन में तेजी से बच्चों में इन्फ्लूएंजा व माइक्रो प्लाज्मा निमोनिया फैल रहा है। इसमें सांस संबंधी समस्या हो रही है। हालांकि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में अभी कहीं भी एच9एन2 के मामले की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एहतियातन जिला और राज्य स्तर पर निगरानी जरूरी है।

अस्पतालों में नजर रखी जाए कि किसी क्षेत्र में निमोनिया के मामलों में बढ़ोतरी तो नहीं हुई है। बच्चों के साथ किशोरों में भी ऐसे मामलों का पता लगाया जाए। मंत्रालय ने इन्फ्लूएंजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया, एसएआरएस-सीओवी-2 जैसे सामान्य कारणों से श्वसन संबंधी बीमारी में वृद्धि पर खास नजर रखने को कहा है।
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फिर लौट सकता कोरोना नियमों के पालन का दौर
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षण कोरोना वायरस से काफी समानता रखते हैं। इसे देखते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पहले से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। इन्फ्लूएंजा व निमोनिया को लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट रखने को कहा गया है। ऐसे कोई केस आते है तो उनका डाटा एकत्र कर शासन को भेजा जाएगा। बेड, ऑक्सीजन आदि व्यवस्था दुरुस्त के निर्देश दिए गए हैं।- डॉ.आलोक रंजन, सीएमओ
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लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, बार-बार हाथ धोने, चेहरे को छूने से बचने और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है। स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि राजस्थान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह में कहा गया है कि स्थिति “वर्तमान में चिंताजनक नहीं है” लेकिन चिकित्सा कर्मचारियों को निगरानी रखनी चाहिए और संक्रामक रोगों को फैलने से रोकना चाहिए। राजस्थान ने कहा कि बाल चिकित्सा यूनिट्स और चिकित्सा विभागों में पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।

