न्यूज़लिंक हिंदी। पांच राज्यों में मतदान की प्रक्रिया पूर्ण रूप से खत्म हो चुकी है। अब इंतजार है ईवीएम के खुलने का। ईवीएम तो तीन दिसंबर को खुलेंगे,लेकिन उससे पहले यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इन पांचों राज्यों में सियासी दलों की क्या स्थिति रहेगी और कहां किसकी सरकार बनेगी।
देश में चुनावी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इसकी वजह ये है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में इस महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल 7 नवंबर से बजने वाला है।
7 नवंबर को मिजोरम की सभी 40 सीटों और छत्तीसगढ़ में पहले फेज की वोटिंग होगी। छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होने वाली है।
ओपिनियन पोल में कुछ लोगों के बीच किए गए सर्वे के आधार पर बताया जा रहा है कि किसकी सरकार किस राज्य में बन सकती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ तीन ऐसे राज्य हैं, जहां लोगों की निगाहें सबसे ज्यादा टिकी हुई हैं।
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इसकी प्रमुख वजह ये है कि इन राज्यों में कांग्रेस का मुकाबला सीधे बीजेपी से है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन तीनों राज्यों समेत पांच राज्यों में किए गए सर्वे के आधार पर सामने आए ओपिनियन पोल के नतीजे क्या बता रहे हैं। तेलंगाना में आज वोटिंग खत्म होने के साथ ही पांचों राज्यों में 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना का इंतजार है।
अब सब यही जानना चाहते हैं कि कौन जीतेगा ये चुनाव? 2024 का सेमीफाइनल किसके नाम रहेगा? क्या मोदी ही जीतेंगे? या राहुल गांधी अपनी ताक़त मज़बूत करेंगे? क्या केसीआर अपनी पोजिशन स्ट्रांग करेंगे? 3 दिसंबर के स्कोरबोर्ड पर किसका कितना स्कोर होगा? इस बीच पोल के जो आंकड़े आ रहे हैं वो बेहद चौंकाने वाले हैं। बीजेपी के लिए भी और कांग्रेस के लिए भी। एग्जिट पोल में हम आपको बताने वाले हैं कि कौन जीतेगा राजस्थान? मध्य प्रदेश में किसकी बनेगी सरकार? छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कौन बनेगा? तेलंगाना में किसे राज करने का मौका मिलेगा।
वोटर सर्वे के लिए पांच राज्यों में 60 हजार लोगों से बात की गई है। ये बातचीत 9 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच की गई है। सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पांच राज्यों के ओपिनियन पोल से हमें देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़: जहां विधानसभा की कुल सीटों की संख्या 90 है। यहां कांग्रेस को आसानी से जीत मिल रही है. कांग्रेस के खाते में 45-51 सीटें जा सकती हैं, जबकि बीजेपी को 36-42 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के हिस्से में 2-5 सीटें हो सकती हैं. इस तरह छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनती हुई नजर आ रही है।
मध्य प्रदेश: तो यहां पर भी कांग्रेस की नैया पार होती नजर आ रही है, मध्य प्रदेश विधानसभा में सीटों की संख्या 230 है, जिसमें से 118-130 सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। बीजेपी को 99-111 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है. अन्य को 0-2 सीटों के बीच मिलने का अनुमान है। यही वजह है कि कांग्रेस एमपी में जीत की ओर है।
राजस्थान: जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। राजस्थान में कुल सीटों की संख्या 200 है। इसमें से कांग्रेस को 67-77 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी यहां पूर्ण बहुमत के साथ वापस आ सकती है। बीजेपी को 114-124 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 5-13 सीटें जा सकती हैं। बीजेपी यहां जीत के लिए आश्वस्त है।
तेलंगाना: जहां कांग्रेस, बीजेपी और बीआरएस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। तेलंगाना में कुल सीटों की संख्या 119 है, जिसमें से कांग्रेस को 43-55 सीटें मिल सकती हैं। बीआरएस के खाते में 49-61 सीटें जा सकती हैं। बीजेपी को 5-11 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। अन्य को 4-10 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है।
मिजोरम: मिजोरम में कुल सीटों की संख्या 40 है। यहां पर बीजेपी की उतनी मौजूदगी नहीं है, लेकिन कांग्रेस यहां पैठ रखती है। यहां पर एमएनएफ को 17-21 सीटें मिल सकती हैं, जेडपीएम के खाते में 10-14 सीटें जा सकती हैं। कांग्रेस को 6-10 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है, जबकि अन्य के पास 0-2 सीटें जा सकती हैं। इस तरह यहां एमएनएफ का बोलबाला हो सकता है।

