कौन है गुरपतवंत पन्नू निखिल गुप्ता, जिस पर लगा सिख अलगाववादी नेता पन्नू की हत्या आरोप,भारत की बढ़ाई मुश्किलें

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न्यूज़लिंक हिंदी। अमेरिका ने दावा किया है कि भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में अलगाववादी नेता की हत्या के लिए एक व्यक्ति को भाड़े पर लिया था, जिसके बदले एक लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) दिए गए।

अमेरिकी कोर्ट में पेश दस्तावेजों के मुताबिक़, निखिल गुप्ता को भारत सरकार के एक कर्मचारी से निर्देश मिले थे। मीडिया रिपोर्ट्स में निखिल गुप्ता की उम्र 52 साल बताई जा रही है।

कथित साज़िश में किस अलगाववादी नेता की हत्या की जानी थी, उसकी जानकारी अभियोजन पक्ष ने नहीं दी है, लेकिन भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, निशाने पर वकील और सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू थे।

अमेरिका ने इस मामले को शीर्ष स्तर पर भारत के सामने उठाया है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत इन आरोपों को गंभीरता से ले रहा है।

अरिंदम बागची ने गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में कहा है कि इस अभियोग में किसी भारतीय अधिकारी का नाम नहीं है। बागची ने कहा है, हम पहले ही बता चुके हैं कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर वार्ता के दौरान, अमेरिकी पक्ष ने कुछ इनपुट साझा किए थे जो संगठित अपराधियों, आतंकवादियों, हथियारों के कारोबारियों और अन्य के नेक्सस के बारे में थे। भारत ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित की है।

इससे पहले कनाडा ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया था। ऐसे में सवाल है कि आखिर गुरपतवंत सिंह पन्नू और निखिल गुप्ता कौन हैं, जिन्हें लेकर भारत को मुश्किलों का सामना कर पड़ सकता है। पेशे से वकील पन्नू का परिवार पहले पंजाब के नाथू चक गांव में रहता था, जो बाद में अमृतसर के पास खानकोट में बस गया. पन्नू के पिता महिंदर सिंह पंजाब मार्केटिंग बोर्ड के सचिव थे।

पन्नू के एक भाई और एक बहन हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा लुधियाना में की,1990 के दशक में पन्नू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से क़ानून की पढ़ाई की, वे अपने कॉलेज के दिनों से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए थे।

साल 1991-92 वे पन्नू अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी में दाख़िला लिया. यहां से उन्होंने फ़ाइनेंस में एमबीए की और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से क़ानून की डिग्री ली।

अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद 2014 तक पन्नू ने न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट में सिस्टम विश्लेषक के रूप में काम किया, इस दौरान वे राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहे।

 

 

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