भाजपा को राजस्थान सहित 3 राज्यों में मिली प्रचंड जीत, नतीजों के बाद अब सीएम पद के दावेदारों पर फोकस

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव के नतीजे रविवार (3 दिसंबर) को आ गए। हिंदी बेल्ट के तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड जीत मिली है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव के नतीजे रविवार (3 दिसंबर) को आ गए। हिंदी बेल्ट के तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड जीत मिली है। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद इस राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को हो रही मतगणना में 54 सीटों पर जीत हासिल की है। यह 2000 में राज्य गठन के बाद से हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। जीत के बाद पार्टी में जश्न का माहौल है। 2018 के विधानसभा चुनाव में इन राज्यों में कांग्रेस ने बीजेपी को शिकस्त दी थी, लेकिन इस बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता
तीनों राज्यों में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतरी। उनकी लोकप्रियता बरकरार है, जिसने पार्टी के उम्मीदवरों को अपने प्रतिद्वंदियों से आगे निकलने में मदद की है। पार्टी नेताओं ने भी जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया है। जीत के लिए पीएम मोदी की लोकप्रियता को इसलिए भी श्रेय दिया जा रहा है कि क्योंकि पिछली बार जब 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जोरदार जीत हासिल की थी। हालांकि, विधानसभा चुनावों में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था और लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 2014 से भी ज्यादा सीटों के साथ सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में यह विश्वास पैदा हुआ कि मतदाताओं के बीच पीएम मोदी की स्वीकार्यता पर भरोसा किया जा सकता है।

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प्रधानमंत्री मोदी की उभरते वैश्विक नेता के रूप में छवि पेश की गई और बताया गया कि कैसे उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति को बेहतर किया है। इस तरह बीजेपी हर राज्य में जाति और वर्ग की सीमाओं से ऊपर उठकर अपना समर्थन आधार मजबूत करने में सफल रही है। जैसे कमजोर स्थिति में होने के बावजूद, बीजेपी छत्तीसगढ़ की 34 आदिवासी सीटों में से 20 पर नेतृत्व करने में कामयाब रही। छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोट बहुत मायने रखता है। यह दिखाता है कि जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर पीएम मोदी की स्वीकार्यता और मतदाताओं का उन पर भरोसा, 2014 के बाद से बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत रही है और वह अब भी बरकरार है।

चुनाव नतीजों के बाद सीएम पद के दावेदारों पर फोकस
चुनाव नतीजों के बाद अब सभी की निगाहें सीएम पद के संभावित दावेदारों पर टिक गई हैं। राजस्थान की बात करें तो यहां कई नामों की चर्चा है। इनमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और महंत बालक नाथ के नामों की चर्चा है। इनके अलावा राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सीपी जोशी भी इस दौड़ में शामिल हैं।

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राजस्थान में सीएम पद के लिए मंथन शुरू
राजस्थान में भाजपा की बंपर जीत के बाद सीएम पद के लिए मंथन शुरू हो गया है। राजस्थान के कई नेता पद की दावेदारी की दौड़ में आगे हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राजस्थान बीजेपी प्रमुख सीपी जोशी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हैं। इन कद्दावर नेताओं के अलावा, सीएम पद के लिए एक और नाम की चर्चा जोरों पर है और वह है तिजारा के भाजपा उम्मीदवार महंत बालकनाथ, जिन्होंने कांटे की टक्कर के बावजूद जीत दर्ज की।

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