न्यूज़ लिंक हिन्दी, मथुरा। 28 साल बाद भी छोटे भाई की तलाश में बडा भाई अधिकारियों के दर पर दरदर दस्तक दे रहा है। पुलिस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। मथुरा के राया में 28 वर्ष पूर्व 11 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार दोपहर तीन बजे रजबहे की खुदाई कराई। हालांकि खुदाई में कोई अवशेष नहीं मिला। इतना ही नहीं पुलिस वर्ष 2000 में एक लडके को बरामद कर लाई थी लेकिन परिजनों ने उसे अपना मानने से इनकार कर दिया था, इसके बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
इसके बाद भी चार पांच बार और जांच कराई गई। इसी भाग दौड में पिता स्व. रोशनलाल की भी मौत हो गई लेकिन भाई ने अपने छोटे भाई की तलाश में भाग दौड जारी रखी। इनमें भी पूर्व जांच के आधार पर क्रम से अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई। न्याय न मिलने पर मैंने आईजी आगरा के पास न्याय की गुहार लगाई। अब गांव के पास में बने रहवाह में भाई के कंकाल की तलाश में अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई कराई गई लेकिन यहां भी निराशा ही हाथ लगी और कोई कंकाल खुदाई में नहीं मिला। थाना राया के गांव नगला पिरसुआ निवासी संतशरण का कहना है कि उसका छोटा भाई राकेश खेलने के लिए अपने घेर में गया था।
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यहां से गांव के चार लोग उसे अपहरण कर ले गए थे। इस संबंध में थाना राया पर सन् 1996 में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब जांच सीओ सदर प्रवीण मलिक के पास है। कोयल रजबहे पर स्थित संभावित जगह की खोदाई कराई गई है। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि सीओ सदर प्रवीण मलिक, नायब तहसीलदार पंकज यादव की मौजूदगी में जेसीबी से रहबहे की संभावित स्थान की खोदाई कराई गई। हालांकि वहां किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले। थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि सीओ सदर प्रवीण मलिक, नायब तहसीलदार पंकज यादव की मौजूदगी में जेसीबी से रजवाह के संभावित स्थान की खोदाई कराई गई। हालांकि वहां किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।

