न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल सारस्वत की मौत के मामले में जांच कर रही फोरेंसिक टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट विवेचक और पुलिस अफसरों को सौंप दी है। फोरेंसिक की जांच की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि छात्र की मौत नशे की हालत में तीसरी मंजिल से गिरकर हुई है।
अब इस प्रकरण में विवेचक फैसला लेकर दर्ज मुकदमे में आगे की कार्रवाई करेंगे। आपको बता दे 27 नवंबर को कॉलेज के बेसमेंट में साहिल का शव मिला था। परिजन इसे हत्या मान रहे थे। पुलिस ने भी प्राथमिक जांच में हत्या की बात कही थी। हालांकि बाद में साक्ष्य मिलने पर हादसे की बात भी कही थी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर तमाम चोटें और पसलियों के टूटने की बात सामने आई थी। सवाल उठा कि अगर धारदार हथियार से हत्या की गई, तो पसलियां कैसे टूट सकती हैं। अमूमन हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला मौके से भाग जाता है, जबकि घटना में न तो कोई बाहर गया और न ही अंदर आया।
मामला हादसे की ओर बढ़ रहा है
छात्रों से बात करने के दौरान भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई, जिससे हॉस्टल के अंदर के किसी छात्र पर शक किया जा सके। पुलिस के हाथ लगे हॉस्टल के अंदर के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी पुलिस के मददगार रहे। फॉरेंसिक टीम की जांच और रिपोर्ट ने इस मामले को सही राह दिखा दी और मामला हादसे की ओर बढ़ गया है।
फॉरेंसिक की रिपोर्ट इन बिंदुओं के आधार पर मान रही हादसा
- घटना से पहले साहिल का तीसरी मंजिल पर घूमते दिखना।
- साहिल के शरीर पर खरोंच और नीला निशान मिलना।
- सिर से लेकर पूरे शरीर में ज्यादातर चोटों का बाएं तरफ होना।
- शरीर के सभी अंदरूनी अंगों से खून का बहना।
- सीढि़यों पर साहिल का खून, बाल व खाल का अंश मिलना।
- हॉस्टल में दूसरे खंड पर रेलिंग की तरफ बंधी रस्सी का टूटा मिलना।
- साहिल के मोबाइल की चैट, कॉल डिटेल में कुछ न मिलना।
- साहिल के खून में एल्कोहल का मिलना।
- बाएं तरफ की पसलियों का टूटकर फेफड़ों में घुसना।

