न्यूज़लिंक हिंदी। दुनिया की दूसरी और जापान की पहली सबसे बुजुर्ग महिला फुसा तत्सुमी की 116 वर्ष की आयु में काशिवारा केअस्पताल में निधन हो गया। मंगलवार, 12 दिसंबर को अपनी पसंदीदी भोजन बीन पेस्ट जेली को खाने के बाद ही उनकी मौत हो गई। उनकी मृत्यु का कारण वृद्धावस्था को बताया जा रहा है।
तत्सुमी को पिछले साल 119 वर्षीय केन तनाका के निधन के बाद दुनिया का सबसे बुजुर्ग का बताया गया था। गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने पिछले साल अप्रैल में तनाका को दुनिया का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति का दर्जा प्रदान किया था। तत्सुमी को दुनिया का 27वां और जापान में सातवां सबसे बुजुर्ग बताया गया है।
जानकारी के अनुसार साल 1907 में जन्मी तत्सुमी ओसाका में अपने तीन बच्चों और पति के साथ रहती थी। कुछ दिनों से वह अपना ज्यादातर समय चिकित्सा केंद्र के बिस्तर पर ही बिताती थी। कई रिपोर्ट के अनुसार फुसा तत्सुमा को पहले कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं हुई थी और न ही वह कभी गंभीर रूप से घायल हुई थी। हालांकि, 70 की उम्र में गिरने की वजह से उनकी पैर की हड्डी टूट गई थी।
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उनके निधन पर उनके 76 वर्षीय बेटे केंजी ने कहा, ‘इस उम्र तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।’ ओसाका के गवर्नर हिरोफुमी योशीमुरा ने भी तत्सुमी के निधन पर शोक जताया। इस साल सितंबर में तत्सुमी की लंबी उम्र का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक पार्टी को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि उस समय फुसा तत्सुमी कितनी स्वस्थ थी।’ जापान दुनिया के सबसे अधिक जीवन प्रत्याशा वाले देशों में से एक है। यहां कई ऐसे लोग रहते हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे बुजुर्ग इंसानों में की जाती है।

