न्यूज़लिंक हिंदी। खैबर पख्तूनख्वां प्रांत में तहरीक-ए- जिहाद पाकिस्तान के भीषण हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद अब जनरल मुनीर की सेना बौखला सी गई है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से इस हमले के दोषियों के खिलाफ ऐक्शन के लिए कहा है।
जनरल मुनीर की सेना अफगानिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों पर हवाई या ड्रोन हमले को अंजाम दे सकती है। सेना के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की सेना अब इस हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ ‘विनाशकारी और निर्णायक’ कार्रवाई कर सकती है। पाकिस्तान में कई वर्षों के बाद इतना बड़ा हमला हुआ है जिसमें इतने ज्यादा सैनिकों की जान भी गई है।
पाकिस्तानी सेना इस घृणित हमले के दोषियों को माफ नहीं करेगी। इससे पहले पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान के दरबान इलाके में मंगलवार को एक चेकपोस्ट पर हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी सेना के 22 जवान से ज्यादा मारे गए थे। आउटलेट डॉन ने सेना के मीडिया मामलों के विंग का हवाला देते हुए बताया कि 12 दिसंबर की सुबह छह आतंकवादियों ने सुरक्षा चौकी पर हमला किया।
इस वर्ष आतंकवादी हमलों में सेना की ओर से एक दिन में मरने वालों की यह सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले जुलाई में बलूचिस्तान के झोब और सुई इलाकों में अलग-अलग सैन्य अभियानों में 12 सैनिक मारे गए थे। एक्स पर एक पोस्ट में, कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने पुलिस स्टेशन पर आतंकवादी हमले की निंदा की और लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि उसने 17 आतंकियों को मार गिराया है। माना जाता है कि टीजेपी अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन टीटीपी का एक अंग है और वह दबाव बढ़ाने के लिए उसके जरिए हमले करा रहा है। वहीं टीटीपी को तालिबान का पूरा समर्थन पूर्ण रूप से हासिल है।

