बड़ी भूलः गाय पर ध्यान पर ’नील गाय’ को खो रहा है ब्रज, शिकार, खेतों में तार फेंसिंग से नीलगाय पर गहराया संकट

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न्यूजलिंक हिंदी,मथुरा। नीलगाय पर संकट है। नीलगाय अपनी रफ्तार के दम पर जंगल में दुश्मनों से अपनी सुरक्षा करने वाला जंगली जीव है। नीलगाय उर्फ वनरोज एक ही पशु के दो नाम हैं। ग्रामीण नीलगाय को गोवंश मानते है, लेकिन प्रदेश सरकार नहीं मानती। कानून के भी दोहरे मापदंड हैं। नीलगाय जानवर वास्तव में बारहसिंगा या मृग की प्रजाति का जानवर होता है जो न तो हमेशा नीला होता है और न ही हमेशा गाय की तरह दिखाई देता है।

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मादाएं भूरे और मटीले रंग की होती हैं जिन्हें ब्रज भाषा में पहाडी कहते हैं। यह घास भी चरती है और झाड़ियों के पत्ते भी खाती है। मौका मिलने पर वह फसलों पर भी धावा बोलती है। उसे बेर के फल खाना बहुत पसन्द है। ब्रज में जैसे जैसे गाय के संरक्षण पर काम हुआ, वैसे वैसे नील गाय और पहाडी को हम खोते चले गये। कभी बहुतायत में दिखने वाले ये जंगली जीव अब यदा कदा ही नजर आते हैं। नील गाय भी किसानों की फसलों को हानि पहुंचाती थीं लेकिन किसानों ने नीलगाय और पहडी से फसल को बचाने के लिए कभी तार फेंसिंग नहीं की। नीलगाय की लगातार कम हो रही संख्या से किसान भी इससे आहत हैं। गोवंश से फसल को बचाने के लिए किसानों द्वारा खेतों पर की गई तार फेंसिंग और शिकार से नीलगाय की संख्या में कमी आई है।

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कभी झुंड़ों में दिखने वाला यह जंगली जीव अब खेतों में कम नजर आ रहा है। कई क्षेत्रों में शिकारी ऊंट की मदद से नीलगाय का शिकार करते हैं। छुट्टा गोवंश से खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों में मेड मेड पर कटीले तारों की बाड लगा दी है। अब तमाम किसान करंट का झटका देने वाले तारों की भी फैंसिंग कर रहे हैं। नीलगाय जैसे जानवर कैद जैसी स्थिति में आ गए हैं। आवारा कुत्ते इनका आसानी से शिकार कर रहे हैं। तारों की वजह से नीलगाय अपनी रफ्तार में भाग नहीं पाते हैं। इसका लाभ शिकारियों को भी मिल रहा है।

कटीले तार, इलेक्ट्रिक झटका से खुले मैदान भी बन गये कैदखाना

जंगली जानवरों के लिए अब खुले जंगल भी कैदाखाना बन गये हैं। किसान छुट्टा गोवंश से फसल को बचाने के लिए जो उपाय कर रहे हैं वह दूसरे जंगली जानवरों के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रहे हैं। झटके वाले तार से कई छोटे जानवर मर भी जाते हैं।

रफ्तार ही है इनका हथियार

दुश्मन से बचने के लिए नीलगाय जैसे जंगली जीवों के पास रफ्तार ही सबसे बडा हथियार है। इन की उंची छलांग और तेज रफ्तार दुश्मन से बचाव मंे इन्हें मदद करती है। इनके पास न मजबूत जबडे और दांत हैं, नहीं नुकीले और मारक सींग है। नहीं इनके पास कोई विषैला वैपन है जिससे यह हमला कर सकें। कटीले तार और करंट वाली फैंसिंग ने इनके तेज रफ्तार वाले हथियार को छीन लिया है। जिससे ये आसानी से दुश्मन का शिकार बन रहे हैं।

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