न्यूज़लिंक हिंदी। लोकसभा से निलंबित किए गए सांसद अब चेंबर, लॉबी और संसद की गैलरी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। लोकसभा सचिवालय ने इसे लेकर एक सर्कुलर भी जारी किया है। हालांकि, अगर वह सांसद किसी संसदीय समिति के सदस्य है तो उसकी कार्यवाही में भाग नहीं ले सकते हैं। जारी सर्कुलर के अनुसार निलंबित सांसदों के नाम से कोई बिजनेस भी लिस्ट नहीं होगा।
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बता दें कि विपक्षी सांसदों के निलंबन की कड़ी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के चलते 49 और सांसदों को निलंबित कर दिया था। इससे इस सत्र में निलंबित सांसदों की कुल संख्या 141 हो गई है, जो निलंबन के मामले में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस नेता शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम, एनसीपी की सुप्रिया सुले और समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव उन सांसदों में शामिल हैं, जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कार्यवाही बाधित करने के लिए निलंबित कर दिया है।
सांसदों के निलंबन संसद में हंगामा
बता दें कि सोमवार से 92 सांसदों के निलंबन के बाद से दोनों सदनों से जबरदस्त हंगामा हो रहा है। विपक्षी सांसद संसद के बाहर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर संसद में खूब घमासान मचा है। विपक्षी सांसद लगातार इसको लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं। वो इस मुद्दे पर संसद में बहस करना चाहते हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर बहस नहीं करना चाहती।
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संसद के अंदर अराजकता का माहौल
विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि कि संसद के अंदर अराजकता का माहौल है। देश की संसदीय प्रणाली पर अब रत्ती भर भरोसा नहीं है। बता दें कि मंगलवार को टीएमसी सांसद ने कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति की मिमिक्री की थी। उनका मजाक उड़ाया था। जब बनर्जी धनखड़ की नकल उतार रहे थे तब राहुल गांधी वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।
पहली बार इतने सांसदों को ससपेंड किया गया
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कहा था कि मोदी-शाह ने सदन की गरिमा का अपमान किया है। गंभीर सुरक्षा चूक के बावजूद वो संसद में आकर बयान नहीं देते। मुझे बहुत दुःख है कि इतिहास में पहली बार इतने सांसदों को ससपेंड किया गया। ये लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने जैसा है, सदन की मर्यादा पर गहरी ठेस है।

