न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में बढ़ती ठंड दिन पर दिन लोगों के लिए दिक्कत बनती जा रही है। बढ़ती ठंड के चलते हार्ट और ब्रेन अटैक के रोगी बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही अस्थमा और दमा के रोगियों की हालत खराब हो रही है। रोगियों को ठंड का एक्सपोजर होने के बाद हालत बिगड़ जा रही है। इसके चलते चार रोगियों की मौत भी हो गई है। इसके अलावा रोगी गंभीर हालत में अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी में आ रहे हैं।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में मंगलवार को हार्ट अटैक के 59 रोगी भर्ती किए गए। इसके साथ ही 11 ब्रेन अटैक के रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती किए गए। दमा और अस्थमा अटैक के रोगियों को हैलट और डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
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एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) राकेश वर्मा ने बताया कि ओपीडी में 1041 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इमरजेंसी में 103 रोगी आए। इनमें हार्ट अटैक के 59 रोगियों को भर्ती किया गया है। रोगियों में जागरुकता हुई, तो गोल्डन आवर में आ जा रहे हैं।
इससे इलाज से ठीक हो जाते हैं। वहीं हैलट की इमरजेंसी में भर्ती ब्रेन अटैक के रोगियों में आधे रोगी हेमरेजिक रहे हैं। न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि ब्रेन अटैक के रोगी दो-दो दिन देर से आते हैं। ब्रेन अटैक के चार घंटे के अंदर रोगी का इलाज शुरू हो जाना चाहिए।
नौबस्ता के दमा रोगी राजकुमार (58) और नवाबगंज के विनोद कुमार (57) की मौत हो गई। उनका इलाज चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर चल रहा था। इसी तरह फजलगंज के विजय (48) की ब्रेन अटैक से मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि बेहोशी के कुछ देर बाद सांस थम गई। इसी तरह बर्रा के प्रकाश (62) की हार्ट अटैक से मौत हुई। परिजन उन्हें लेकर गोविंदनगर स्थित हॉस्पिटल ले गए लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

