न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान की ओर से एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से लिखित बयान को दाखिल किए गए। दोनों ने घटनास्थल पर अपनी मौजूदगी को भी नकारा।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से इरफान के गनर की कॉल डिटेल व लोकेशन रिपोर्ट मंगाने संबंधी अर्जी पर अभियोजन ने आपत्ति दाखिल करने का समय मांगा।
इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दो जनवरी की तारीख नियत कर दी है।
सूत्रों ने बताया हैं कि इरफान की ओर से दाखिल बयान में उनके मोबाइल की कॉल डिटेल व लोकेशन रिपोर्ट के आधार पर यह साफ किया गया कि घटना से कई घंटों पहले और कई घंटों बाद तक वह घटनास्थल के आसपास नहीं थे। अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि रिजवान की ओर से दाखिल बयान में कहा गया कि उसने विवादित प्लॉट खरीदा था।
रजिस्ट्री की कॉपी भी दाखिल की गई है। नजीर न तो प्लॉट की मालिक है, न किरायेदार और न ही कब्जेदार। घटना के दिन वह लखनऊ में था। अभियोजन के गवाह अकील अहमद, नसीम आरिफ व शारिक अली बरकाती तीनों पुलिस के मुखबिर हैं और एक राजनीतिक पार्टी से पूर्ण रूप से जुड़े हैं, जिनके फोटोग्राफ भी दाखिल किए गए हैं।

