न्यूज़लिंक हिंदी। अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने हाल ही में हूती विद्रोहियों के हमलों से लाल सागर में जहाजों को बचाने के लिए एक मल्टीनेशनल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान भी किया है। अमेरिका की ओर से घोषित इस ‘ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन’ गठबंधन को लेकर अरब देशों में कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।
लाल सागर में जहाजों के पर हूतियों के हमलों को खतरा कई अरब देशों के सामने रहा है लेकिन गाजा की लड़ाई को देखते हुए मुस्लिम मुल्कों को लग रहा है कि इस फोर्स के गठन से इजरायल को फायदा होगा। जिसमें शामिल होने से उनकी एक गलत छवि भी बनेगी, ऐसे में वह कम से कम सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन नहीं कर पा रहे हैं। इसके उलट बहरीन खुलकर इस टास्क फोर्स के साथ खड़ा है।
यहां तक कि बीते हफ्ते अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने इस फोर्स को बनाने की घोषणा भी बहरीन की राजधानी मनामा से ही की थी। ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन में अन्य सार्वजनिक भागीदारों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, ग्रीस, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, सेशेल्स, यूके और अमेरिका शामिल हैं।
ऑस्टिन की घोषणा के बाद बहरीन की ओर से हालांकि साफतौर पर इस पर कोई बयानभी जारी नहीं किया गया है। बहरीन की समाचार एजेंसी के एक बयान में कहा गया है कि बहरीन किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने अमेरिका के साथ ऐतिहासिक संबंधों और स्थायी साझेदारी पर गर्व भी व्यक्त किया है।
जिसकी नींव दशकों से विश्वास, आपसी सम्मान और भागीदारों और सहयोगियों के रूप में संयुक्त समन्वय पर पूर्ण रूप से आधारित है। दोनों देश इसे और मजबूत करने की कोशिस कर रहे हैं।

