न्यूज़लिंक हिंदी, डेस्क। पाकिस्तान में नए साल का जश्न नहीं मनाया जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान की सरकार ने न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर बैन लगा दिया है। हालांकि, इसकी वजह इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध है। पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने गुरुवार को युद्धग्रस्त गाजा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए देश में नए साल के जश्न पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। राष्ट्र के नाम एक संबोधन में काकर ने पाकिस्तानियों से फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने और नए साल पर संयम और विनम्रता प्रदर्शित करने का आग्रह किया।
पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा फिलिस्तीन की गंभीर चिंताजनक स्थिति को ध्यान में रखते हुए और हमारे फिलिस्तीनी भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सरकार द्वारा नए साल के लिए किसी भी तरह के आयोजन पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा।
जानें क्यों जश्न नहीं मनाएगा पाकिस्तान
कार्यवाहक पीएम काकर ने कहा कि 7 अक्टूबर को इजराइली बमबारी शुरू होने के बाद से लगभग 9,000 बच्चों की मौत के साथ हिंसा और अन्याय की सभी सीमाएं पार करने वाली इजराइली सेना द्वारा अब तक 21,000 से अधिक फिलिस्तीनियों को मार दिया गया है। पूरा पाकिस्तान और मुस्लिम जगत गाजा और वेस्ट बैंक में निर्दोष बच्चों के नरसंहार और निहत्थे फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर बेहद पीड़ा की स्थिति में है।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने फिलिस्तीन को दो सहायता पैकेज भेजे हैं जबकि तीसरा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फिलिस्तीन को समय पर सहायता प्रदान करने और गाजा में मौजूद घायलों को निकालने के लिए जॉर्डन और मिस्र के साथ बातचीत में लगा हुआ है।
काकर ने कहा कि पाकिस्तान ने इजराइली रक्तपात को रोकने के लिए विभिन्न वैश्विक मंचों पर फिलिस्तीनी लोगों की दुर्दशा को उजागर करने की कोशिश की है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेगा। पाकिस्तान में नए साल का जश्न परंपरागत रूप से इस्लामी समूहों के प्रभाव के कारण बहुत बड़ा नहीं होता है, जो बल प्रयोग सहित विभिन्न तरीकों से उत्सव को रोकने की कोशिश करते हैं।

