Covid-19 Alert: JN.1 वैरिएंट दुनियाभर में बढ़ा रहा है मुश्किलें, विशेषज्ञ ने किया ‘डराने वाला दावा’

जब कोई वैरिएंट इस तरह से तेजी से बढ़ता है तो इससे न सिर्फ संक्रमण की रफ्तार तेज होती है साथ ही अगले कुछ महीनों में म्यूटेशन के साथ एक नए वैरिएंट के सामने आने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। एक बार फिर से कोरोना को वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस में लगातार म्यूटेशन जारी है, इसी से उपजा ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट JN.1 दुनियाभर में एक बार फिर से इस संक्रामक रोग के खतरे को बढ़ा रहा है।

प्रारंभिक रिसर्च में पाया गया है कि वैसे तो JN.1 वैरिएंट गंभीर रोगकारक नहीं है पर इसके कारण किसी आबादी में तेजी से संक्रमण के प्रसार का जोखिम जरूर अधिक हो सकता है क्योंकि ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट की तरह ये भी आसानी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को संक्रमण में बढ़ा सकता है।

रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि चीन, सिंगापुर, अमेरिका सहित कई देशों में JN.1 की पुष्टि हो चुकी है। कुछ देशों में इस नए वैरिएंट के प्रसार की गति काफी तेज है जोकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 की प्रकृति को देखते हुए इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया है।

अमेरिका में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि JN.1 सब-वैरिएंट के कारण अमेरिका में संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर के मध्य तक यह वैरिएंट देशभर में 44% कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है। नवंबर में इसका प्रसार मात्र सात प्रतिशत था।

व्यापक रूप से फैल रहा है
यूएस. स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. विलियम शेफनर कहते हैं, वैरिएंट को बढ़ने में कुछ समय जरूर लग रहा है, हालांकि एक बार रफ्तार पकड़ने के बाद ये व्यापक रूप से फैल रहा है। जब कोई वैरिएंट इस तरह से तेजी से बढ़ता है तो इससे न सिर्फ संक्रमण की रफ्तार तेज होती है साथ ही अगले कुछ महीनों में म्यूटेशन के साथ एक नए वैरिएंट के सामने आने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

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22 दिसंबर को प्रकाशित सीडीसी की रिपोर्ट में कोविड-19 के खतरे को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों ने कहा, वृद्ध लोगों, शिशुओं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले, क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों और गर्भवती के लिए संक्रमण की स्थिति गंभीर रोगकारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो ज्यादातर मामलों में JN.1 गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहा है, पर इसे हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए। चीन में कथित तौर पर इसके कारण मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

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