न्यूज़लिंक हिंदी। बागपत में बड़ौत क्षेत्र के ट्योढ़ी गांव में शुक्रवार को अरुण का शव पहुंचा तो लोगों में गम का माहौल छा गया। वहीं, अरुण का शव देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी । जहां लोगों में अरुण के जाने का गम था तो वहीं पत्नी के खिलाफ हत्या कराए जाने का भरपूर गुस्सा था।
इस गम और गुस्से के बीच अरुण के शव का अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने कहा कि अरुण की पत्नी ने बहुत बड़ा अपराध किया है। बता दें कि ट्योढ़ी गांव के सत्यवीर के बेटे अरुण प्रजापति की बृहस्पतिवार शाम को धनवाली मंदिर रजबहे पटरी और मेरठ करनाल हाईवे के बीच गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। जांच में पता चला कि पत्नी अर्चना ने ही नाटकीय अंदाज में प्रेमी से हत्या को अंजाम दिया था।
शुक्रवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद अरुण के शव को गांव लाया गया तो परिजनों में बुरी तरह से कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में भीड़ उमड़ पड़ी। गमगीन माहौल में अरुण का अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने कहा कि अरुण की पत्नी ने यह सही नहीं किया।
उसने परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। वह अरुण को सच बता देती तो उसके बाद अरुण कोई फैसला ले लेता। पूरा गांव अर्चना को कोस रहा है।
अंतिम संस्कार के दौरान रोते हुए मृतक के भाई अंकुर ने बताया कि भाई अरुण मीशो ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में मैनेजर थे। पिछले कुछ दिनों से वर्क फ्रॉम होम चल रहा था। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे अर्चना जबरन अरुण को अपने साथ दवाई लाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गई थी।
कई बार अरुण ने इंकार भी किया, लेकिन वह नहीं मानी। इस तरह साफ है कि अर्चना ने प्रेमी के साथ मिलकर पहले ही अरुण की हत्या की योजना बनाई हुई थी। अंकुर ने कहा कि यदि उन्हें पता होता तो भाई को अर्चना के साथ कभी नहीं जाने देते।

