Japan Earthquake: 18 घंटों में 155 झटके, 24 की मौत, भूकंप किसी बड़े महाविनाश की आहट तो नहीं!

जापान में नए साल की शुरूआत भूकंप के एक के बाद एक भूकंप के तेज झटकों से हुई। जिसके बाद से जापान में लोग काफी दहशत में हैं, जहां सोमवार से अब तक करीब 18 घंटों में 155 भूकंप आ चुके हैं।

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न्यूज़लिंक हिंदी। जापान में नए साल की शुरूआत भूकंप के एक के बाद एक भूकंप के तेज झटकों से हुई। जिसके बाद से जापान में लोग काफी दहशत में हैं, जहां सोमवार से अब तक करीब 18 घंटों में 155 भूकंप आ चुके हैं। इसमें सबसे तेज झटके इशिकावा में महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 7.6 तथा दूसरे की तीव्रता 6 से अधिक थी। जापान के मौसम विज्ञान कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार शाम 4 बजे (स्थानीय समय) के बाद से आए ज्यादातर भूकंप रिक्टर पैमाने पर 3 से अधिक तीव्रता के थे।

बड़ी बात ये है कि सिर्फ दो घंटे के भीतर 40 से ज्यादा झटके लगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन भूकंपों की तीव्रता हालांकि धीरे-धीरे कम हो गई, फिर भी मंगलवार को कम से कम छह बड़े झटके महसूस किए गए। 7.6 तीव्रता वाले भूकंप के तेज झटकों के बाद जापान में महाविनाश का खतरा मंडरा रहा है।

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सोमवार को आए भीषण भूकंप में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई और एक मीटर से अधिक ऊंची सुनामी लहरें उठीं। भूकंप से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई जगह भीषण आग लग गई, जिससे रात भर में भारी नुकसान हुआ। अधिकारी अभी भी सोमवार के भूकंप से हुए नुकसान के पैमाने का आकलन कर रहे हैं।

समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रहीं है। करीब एक लाख लोगों को तटीय इलाकों से शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है। तटीय इलाकों के निवासियों से कहा कि वे अपने घरों में न लौटें क्योंकि घातक लहरें अभी भी आ सकती हैं।

सरकार के प्रवक्ता योशिमासा हयाशी ने कहा कि भूकंप से कम से कम छह घर क्षतिग्रस्त हो गए और लोग अंदर फंस गए। उन्होंने कहा कि इशिकावा प्रान्त के वाजिमा शहर में आग लग गई और 30,000 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई।

मौसम विज्ञान एजेंसी ने शुरू में इशिकावा के लिए एक बड़ी सुनामी की चेतावनी जारी की और होंशू के पश्चिमी तट के बाकी हिस्सों के साथ-साथ देश के सबसे उत्तरी मुख्य द्वीप, होक्काइडो के लिए निचले स्तर की सुनामी की चेतावनी जारी की। हयाशी ने जोर देकर कहा कि लोगों के लिए तटीय क्षेत्रों से दूर जाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर मिनट मायने रखता है, इसलिए तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में चले जाएं।

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कई घंटों बाद चेतावनी को नियमित सुनामी में बदल दिया गया, जिसका अर्थ है कि समुद्र अभी भी 3 मीटर (10 फीट) तक की लहरें उत्पन्न कर सकता है। एजेंसी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में उसी क्षेत्र में आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं। जापानी सार्वजनिक प्रसारक एनएचके टीवी ने शुरू में चेतावनी दी थी कि पानी की धार 5 मीटर (16.5 फीट) तक पहुंच सकती है। नेटवर्क ने घंटों बाद भी चेतावनियां प्रसारित करना जारी रखा क्योंकि क्षेत्र में भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए। लोगों को स्टेडियमों में पहुंचाया गया, जहां उन्हें कुछ दिनों तक रहना होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बयान में कहा कि उनका प्रशासन जापानी अधिकारियों के संपर्क में है और जापानी लोगों के लिए कोई भी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। मार्च 2011 में एक बड़े भूकंप और सुनामी के कारण जापान के परमाणु संयंत्र में खराबी आने के बाद से सोमवार की तीव्रता वाली सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई थी। सरकार के प्रवक्ता हयाशी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रभावित क्षेत्र में परमाणु संयंत्रों ने सोमवार को किसी भी अनियमितता की सूचना नहीं दी। परमाणु नियामकों ने कहा कि क्षेत्र में निगरानी चौकियों पर विकिरण के स्तर में कोई वृद्धि नहीं पाई गई।

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