न्यूज़लिंक हिंदी। नगर निगम से 10 आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना किसी सूचना के निकालने और कर्मचारियों को दो महीने से वेतन न देने के विरोध में बुधवार को कर्मचारियों ने नगर आयुक्त कार्यालय घेरा। इसके साथ ही मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक कर निकाले गये कर्मचारियों को वापस लेने का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त ने वेतन संबंधी समस्या को लेकर 5 जनवरी को अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है।

नगर निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री रमाकांत मिश्रा ने बताया कि नगर निगम में केयर टेकर विभाग में तैनात 10 आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना कोई सूचना के निकाला जाना गलत है। करीब 500 आउटसोर्स कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले लेखानुभाग के सामने नारेबाजी की। इसके बाद नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर एकत्र होकर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
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नारेबाजी सुनकर नगर आयुक्त ने संघ के प्रतिनिधिमंडल के पांच सदस्यों को बुलाकर वार्ता की और आश्वासन दिया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन भेज दिया जाएगा। केयरटेकर विभाग के निकाले गए 10 कर्मचारी में जो काम करने वाले हैं, उनको दोबारा वापस काम पर रखा जाएगा। नगर आयुक्त ने शेष मांगों के संबंध में 5 जनवरी को समस्त अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है। जिसमें लंबित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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प्रदर्शन में मुख्य रूप से देवीदीन भाऊ, रमाकांत मिश्रा, नीलू निगम, मुन्ना हजारिया, मुन्ना पहलवान,नरेंद्र खन्ना, मणिलाल भारती, शिव शंकर मिश्रा, नीरज, संजय मिश्रा, हिमांशु निगम, वकील मसूद, संजय हजारिया, विमल, लल्लू रहे।

