न्यूज़लिंक हिंदी। महादेव सट्टा एप केस में ईडी की चार्जशीट पर पूर्व सीएम बघेल ने पलटवार किया है। भूपेश बघेल ने इसे लेकर ट्वीट किया है और केन्द्र सरकार के षडयंत्र का हिस्सा ईडी की कार्रवाई को पूर्ण रूप से कहा है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी की चार्जशीट मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया जाहिर की है, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा कि, “ईडी ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से मेरा नाम लिखा है, वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ्तार भी कर रही है।
उनसे दबावपूर्वक मेरे और मेरे सहयोगियों के खिलाफ बयान दिलवा रही है। इन बयानों में जो पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं, उनका कोई भी आधार नहीं है। भूपेश बघेल ने दी सफाई साथ ही भूपेश बघेल ने लिखा कि, जिस असीम दास के पास से रुपए बरामद हुए थे, उसने जेल से अपने लिखित बयान में साफ किया था कि उन्हें भी धोखे में रखकर फंसाया गया है।
उन्होंने कभी किसी राजनेता या उनसे जुड़े लोगों को पैसा नहीं पहुंचाया, अब ईडी दावा कर रही है कि उसने यह बयान भी वापस ले लिया है। यह किस दबाव में हो रहा है, उसे सब जानते हैं। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि, अब सवाल यह है कि ईडी ने जिस दिन कथित रूप से असीम दास से रुपए बरामद किए थे, उस घटना की पूरी रिकॉर्डिंग ईडी के पास है।
इसका मतलब है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी। इसका मतलब यही है कि इसकी कूटरचना ईडी ने ही की थी। ईडी ने दावा किया है कि चंद्रभूषण वर्मा ने भी अपना पहले का बयान वापस ले लिया है। हम तो शुरुआत से कह रहे हैं कि ईडी मारपीट से लेकर धमकी देने तक हर हथकंडे अपनाकर मेरा और मेरे सहयोगियों का नाम लेने का दबाव बना रही है।

