न्यूज़लिंक हिंदी। हरियाणा में सिरसा जिले की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में छात्राओं के यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी से प्रदेश में पूरी तरह हड़कंप मचा हुआ है। चिट्ठी सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी।
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में सिरसा में छात्राओं की यौन शोषण को लेकर लिखी गई गुमनाम चिट्ठी से खलबली मची गई है। इस मामले में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अजमेर मलिक का बयान सामने आया है। प्रोफेसर मलिक ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए 7 सदस्यीय एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
चौधरी देवीलाल विश्विद्यालय के वीसी अजमेर मलिक ने कहा कि इस मामले में छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द ही कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इस पर आगे एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई पत्र यूनिवर्सिटी के पास आए थे, जिसकी जांच के बाद कार्रवाई की गई है। इस मामले में भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
इस मामले में पुलिस जांच कर रही है, हमारे विश्विद्यालय की इंटरनल कम्प्लेंट कमेटी भी जेंडर आधारित यौन शोषण के मामले में जांच करके कार्रवाई करती है। इससे पहले भी कई मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। गुमनाम चिट्ठी की जांच करना आवश्यक नहीं है लेकिन इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले में अभी तक पीड़ित छात्राएं सामने नहीं आई हैं।
विश्विद्यालय प्रशासन ने नोटिस के जरिए छात्राओं से अपील की है कि वो सामने आयें, प्रोफेसर अजमेर मलिक, वीसी, चौधरी देवीलाल विश्विद्यालय
उधर सोमवार को सिरसा पहुंचे श्रीकांत जाधव ने कहा कि इस मामले को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। मामले की जानकारी मिलते ही दीप्ति गर्ग के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है। दरअसल सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली करीब 500 गर्ल्स स्टूडेंट्स ने अपने ही विभाग के एक प्रोफेसर पर गुमनाम चिठ्ठी के जरिए यौन शोषण का आरोप लगाया है।
छात्राओं ने ये गुमनाम चिठ्ठी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के राज्यपाल, डीजीपी हरियाणा, डीसी सिरसा, एसपी सिरसा और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सहित कई लोगों को भेजी है। चिट्ठी के बाद सरकार हरकत में आ गई और तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी गई।

