न्यूज़लिंक हिंदी। संगीत सम्राट उस्ताद राशिद खान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है, पद्मश्री विजेता ने आज 55 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। फिल्म इंडस्ट्री से दुख भरी खबर सामने आई है।
संगीत के सम्राट उस्ताद राशिद खान का आज 55 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, पद्मश्री विजेता राशिद का पिछले एक माह से अस्पताल में कैंसर का इलाज चल रहा था। संगीतकार का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार दोपहर 3.45 बजे शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मेयर फिरहाद हकीम पीयरलेस अस्पताल पहुंचे और मुख्यमंत्री ने खुद इस खबर की घोषणा की।
बता दें कि संगीतकार राशिद खान की स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी और उन्हें वेंटिलेशन पर ही रखा गया था, इसके अलावा कथित तौर पर उन्हें नली के माध्यम से खाना भी दिया जा रहा था। डॉक्टर सुदीप्त मित्रा की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। साथ ही मेडिसिन और कैंसर विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा था।
कलाकार का लंबे समय से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज चल रहा था, जानकारी के अनुसार उनके मस्तिष्क में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्हें 21 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साल 2004 में कलाकार ने सिल्वर स्क्रीन की दुनिया में पहला कदम रखा था। राशिद खान को इस्माइल दरबार के संगीत निर्देशन में फिल्म किसना द वॉरियर पोएट में दो गाने गाने का मौका भी मिला था
हालांकि, उन्होंने संदेश शांडिल्य द्वारा रचित फिल्म ‘जब वी मेट’ के गाने ‘आयोगे जब तुम सजना’ से लाखों दिलों को जीत लिया था, इसके बाद राशिद खान ने बंगाली फिल्मों के साथ-साथ कई हिंदी फिल्मों में भी गाने गाकर खूब वाहवाही बटोरी, इस लिस्ट में ‘माई नेम इज खान’, ‘राज 3’, ‘बापी बारी जा’, ‘कादंबरी’, ‘शादी माई जरूर आना’, ‘मंटो’ भी शामिल हैं।
इसके साथ उन्होंने ‘मितिन मासी’ जैसे फिल्मी गानों में अपनी आवाज दी है, राशिद खान को 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था, फिर 2012 में उन्हें बंगभूषण से भी सम्मानित किया गया था। उस्ताद राशिद खान को 2022 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से संगीत जगत में शोक सा छा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पूर्ण रूप से शोक व्यक्त किया है।

