न्यूज़लिंक हिंदी। पाकिस्तान और ईरान, क्रमशः दक्षिण और पश्चिम एशिया के दो ऐसे दोस्त हैं,जिनके संबंध दोस्ताना तो रहे लेकिन वो कभी करीबी नहीं रहे 1947 में पाकिस्तान की आजादी के बाद से ही पाकिस्तान और ईरान के संबंधों पर ऐतिहासिक, भौगोलिक, आर्थिक और धार्मिक मुद्दों का गहरा प्रभाव ही रहा है।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने मंगलवार को पाकिस्तान में एक जिहादी समूह पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, गाजा में फिलिस्तीन इजरायल के युद्ध के बीच ईरान की ओर से पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव के नये कमान खींच दिये हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा भी की है।
उसने कहा है कि ईरान ने ‘अकारण’ ही पाकिस्तानी एयर स्पेस का उल्लंघन किया है, इस्लामाबाद ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसमें दो बच्चों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। बता दें कि सोमवार को ही ईरान ने अपने कुछ अधिकारियों और सहयोगियों की हत्या के प्रतिशोध में सीरिया में एक आतंकवादी ठिकाने पर और इराक में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
गाजा युद्ध के जवाब में, ईरान अपने क्षेत्रीय सहयोगी समूहों के नेटवर्क के साथ काम करते हुए, इजराइल और अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष टकराव में है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ हमलों और घरेलू संघर्ष से बचाव कर रहा है। इसी महीने ईरान के शहर केरमान में इस्लामिक स्टेट समूह की एक शाखा की ओर से की गई बमबारी में लगभग 100 लोग मारे गए थे।
सोमवार को एक ईरानी अधिकारी ने मीडिया को दिये बयान में कहा कि ईरान जानता है कि वह एक गंभीर वैश्विक संकट से सबसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए है। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक संकट को देखते हुए ईरान नियोजित जोखिम ले रहा है ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को पूर्ण रूप से नियंत्रित रखा जा सके।

