न्यूज़लिंक हिंदी। ख्वाजा गरीब नवाज का 812वां उर्स गुरुवार को छोटे कुल की रस्म के साथ मुक़म्मल हो गया, इसके बाद 21 जनवरी को बड़े कुल की रस्म अदा होगी।
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 812वां उर्स छोटे कुल की रस्म के साथ संपन्न हो गया,उर्स में हाजरी देने आए जायरीन ने गुलाब जल और केवड़े से दरगाह को धोया। वहीं आस्ताने में भी कुल के छींटे खादिमों ने लगाए। दरगाह में जन्नती दरवाजा भी बंद कर दिया गया। वहीं दरगाह में महफिल खाने में महफिल भी हुई। इसके बाद देशभर से आए कलंदरों ने दगोल की रस्म भी अदा की।
ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स गुरुवार को शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया, दरगाह में वार्षिक छठी की रस्में अदा की गई। उर्स की अंतिम रस्म के तौर पर कुल के छींटे दरगाह परिसर में जायरीन ने लगाए। जायरीन इस पानी को अपने साथ बोतलों में भरकर ले गए हैं। गुरुवार को दरगाह के खादिमों ने भी कुल की रस्म के तहत ख्वाजा गरीब नवाज की मजार को धोया और आस्ताने में खिदमत की।
खिदमत के बाद दरगाह आने वाले जायरीन के लिए दुआएं भी अदा हुई, साथ ही मुल्क में अमन चैन, भाईचारा और खुशहाली के लिए भी दुआ भी मांगी गई है। छोटे कुल की रस्म के साथ ही कई जायरीन घरों को लौटने लगे हैं। हालांकि कल शुक्रवार को जुम्मे की विशेष नमाज अदा होगी। ऐसे में ज्यादातर जायरीन जुम्मे की नमाज के लिए रुके हैं। चिश्ती बता रहे हैं कि 21 जनवरी को बड़े कुल की रस्म होगी।

