Varanasi: मंदिर परिसर से दो KM के तक मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक, प्रस्ताव पर लगी मुहर

मेयर अशोक कुमार तिवारी ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा दालमंडी की सड़कों को चौड़ी करने और यहां पर नगर निगम की 145 दुकानों का किराया डीएम सर्किल रेट पर होगा। इन तीनों प्रस्तावों का असर मुस्लिम बहुल इलाके दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क के कारोबारियों पर पड़ना तय है।

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न्यूज़लिंक हिंदी, वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से दो किमी दायरे में मांस और मदिरा की दुकानें अब नहीं होंगी। यह प्रस्ताव नगर निगम सदन ने गुरुवार को ही पास किया। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा दालमंडी की सड़कों को चौड़ी करने और यहां पर नगर निगम की 145 दुकानों का किराया डीएम सर्किल रेट पर होगा। इन तीनों प्रस्तावों का असर मुस्लिम बहुल इलाके दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क के कारोबारियों पर पड़ना तय है।

विश्वनाथ मंदिर के दो किमी दायरे में मांस मदिरा की दुकाने हैं
सदन की बैठक में यह प्रस्ताव आदिविश्वेश्वर वार्ड के पार्षद इंद्रेश कुमार सिंह ने नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91 (2) के तहत लाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक शहरों अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार आदि के प्रमुख मंदिरों से दो से पांच किमी दायरे में मांस मदिरा की दुकानें नहीं हैं। केवल काशी में ही विश्वनाथ मंदिर के दो किमी दायरे में मांस मदिरा की दुकाने हैं। धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर इसे दो किमी के बाहर किया जाएगा। जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया।

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हालांकि अब इसका असर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लहुराबीर, सोनारपुरा, लक्सा तक पड़ेगा। खासकर मुस्लिम बाहुल्य इलाके दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क, हड़हा सराय आदि इलाकों की मांस मदिरा की दुकानों पर पड़ेगा। वर्तमान में इन इलाकों में 50 से अधिक दुकानें मांस की हैं। इनके अलावा 30 दुकानें मदिरा की हैं। जिन्हें आने वाले दिनों में बंद कर दिया जाएगा।

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जानकारी के लिए बता दे कि दालमंडी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी इंद्रेश ने लाया। उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की गाड़ियां आसानी से चली जाएंगी। यह सड़क काफी चौड़ी है। लेकिन, यहां पर अतिक्रमण होने के कारण श्रद्धालुओं की गाड़ियां नहीं जा पाती हैं। यदि इस सड़क को चौड़ा किया गया तो आने वाले दिनों में न केवल दालमंडी के लोगों को बल्कि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी फायदा होगा। इस प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पास किया गया।

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