न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में रायपुरवा थाना क्षेत्र के छब्बालाल हाता में एक दर्दनाक घटना घटित हुई,घर में जलकर शिक्षिका की हुई मौत।पुलिस ने हाते में ही किराये पर रहने वाले आरोपी को अनवरंगज से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने बताया कि शिक्षिका के पिता से संबंध थे। इसके अलावा वह आए दिन किसी न किसी बात पर उससे बराबर झगड़ा करती थी।
इसी वजह से मुंह में अखबार रखकर हत्या कर दी। इसके बाद ऊपर से रजाई डालकर पूर्ण रूप से आग लगा दी। स्वरूपनगर स्थित कार्यालय में डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि हाता निवासी मंजू वर्मा एक निजी स्कूल में पढ़ाती थीं। नौ जनवरी को उनका शव घर के अंदर जला हुआ मिला था।
घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से लगी थी। दरवाजे पर एक नोट भी लिखा था कि मेरी मौत के जिम्मेदार पड़ोसी होंगे, यह नोट हत्या की तरफ इशारा कर रहा था। शिक्षिका का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान किरायेदार धर्मेंद्र वर्मा गायब मिला। इस पर शक की सूई उसकी ओर घूम गई।
बुधवार को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी धर्मेंद्र को अनवरगंज स्टेशन के पास स्थित सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय के सामने से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मंजू वर्मा का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि उसके पिता और मंजू के काफी समय से संबंध थे।
वह कमाई मंजू को दे देते थे। मां की मौत के बाद से पिता अकेले थे। इससे उसे और उसके भाई को एतराज नहीं था। मंजू भी अकेली थी। वह और उसका भाई भीलवाड़ा राजस्थान में प्राइवेट नौकरी ही करते हैं। वह दिवाली पर घर आया था। इसके बाद आए दिन छोटी-छोटी बातों पर मंजू झगड़ा करती थी।
इसी से त्रस्त होकर नौ जनवरी को शराब पी, इसके बाद रात करीब दो बजे मंजू के घर का दरवाजा खुला देख भीतर घुस गया। सोते समय मंजू के मुंह पर अखबार रखकर पहले मार डाला। इसके बाद आग लगाकर भाग भीलवाड़ा भाग गया। बुधवार को लौटा, तो पुलिस ने उसे मोके पर दबोच लिया।

