न्यूज़लिंक हिंदी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (6 फरवरी) को गोवा के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी गोवा को 1350 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। जहां उन्होंने ONGC सी सर्वाइवल सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 का भी उद्घाटन किया।इस दौरे के दौरान पीएम मोदी भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 का उद्घाटन जो कि 9 फरवरी तक चलेगा। इसके अलावा गोवा में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के स्थायी परिसर की शुरुवात की जाएगी।
A robust energy sector bodes well for national progress. Speaking at the India Energy Week in Goa.
https://t.co/aKSFZpS3D1— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2024
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत में अगले पांच से छह वर्ष में ऊर्जा क्षेत्र में 67 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा। साथ ही उन्होंने वैश्विक निवेशकों को भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में भारत की GDP दर 7.5 फीसदी से अधिक हो गई है।
ये भी पढ़े : BHU के ट्रामा सेंटर में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, देख रहा था मरीज, पूछताछ में खुला राज
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत ऊर्जा सप्ताह के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है। देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि देश को 2030 तक अपनी रिफाइनिंग क्षमता 254 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से बढ़ाकर 450 एमएमटीपीए करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘ अगले पांच-छह वर्षों में भारत में ऊर्जा क्षेत्र में 67 अरब डॉलर का निवेश होने जा रहा है।’’
ये भी पढ़े : Uttarakhand: विधानसभा में UCC विधेयक पेश, जय श्रीराम के लगे नारे, विधानसभा की कार्रवाई स्थगित
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश कर रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ। मोदी ने कहा कि भारत कच्चे तेल तथा एलपीजी का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और एलएनजी का चौथा सबसे बड़ा आयातक है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक समस्याओं के समक्ष देश की ऊर्जा प्रबंधन रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो वर्ष में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हुईं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ सभी विशेषज्ञों की राय है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर अब 7.5 प्रतिशत से अधिक है और यह वैश्विक संस्थाओं के अनुमान से अधिक है। मोदी ने कहा कि सरकारी सुधार घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं। भारत 2030 तक अपने ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य बना रहा है।

पेट्रोल में इथेनॉल के मिलाने के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में यह 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया है। 2025 तक यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक उत्सर्जन में भारत का केवल चार प्रतिशत हिस्सा है और 2070 तक ‘नेट जीरो’ का लक्ष्य रखा गया है। ‘नेट जीरो’ से तात्पर्य है कि कोई देश वातावरण में कार्बन आधारित ग्रीनहाउस गैसों का जितना उत्सर्जन कर रहा है, उतना ही उसे सोख और हटा भी रहा है। यानी उसकी तरफ से वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों का योगदान न के बराबर हो।
उन्होंने कहा कि एक करोड़ मकानों पर ‘सोलर रूफटॉप’ स्थापित करने की हाल ही में घोषित योजना से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड से जोड़ा जाएगा।

