न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज आचार संहिता उल्लंघन मामले में अभियोजन को राहत नहीं मिल सकती है। एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने अभियोजन की रिवीजन याचिका खारिज कर दी है। अब मुकदमे में एमपीएमएलए लोअर कोर्ट 29 फरवरी को फैसला सुना सकती है। साथ ही इरफान सोलंकी ने 27 फरवरी को होने वाले राज्यसभा चुनाव में मतदान की अनुमति मांगी है। सपा विधायक के अधिवक्ता ने सोमवार को एमपीएमएलए कोर्ट में याचिका दाखिल की। मामले में मंगलवार को सुनवाई की जाएगी।
जाजमऊ थानाक्षेत्र स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा की झोपड़ी में आग लगाने के आरोप में वर्ष 2022 से महाराजपुर जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी ने आगामी 27 फरवरी को होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की याचिका दाखिल की है।
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इरफान ने याचिका में लिखा है कि विधानसभा सदस्य जनता के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यसभा के चुनाव में मतदान करता है। चुनाव में भाग न लेने से नागरिक अपने द्वारा निर्वाचित विधानसभा सदस्य के द्वारा अपने प्रतिनिधित्व से वंचित रह जाएगा। सपा विधायक के अधिवक्ता मो. आसिफ खान ने बताया कि सपा विधायक की ओर से एमपीएमलए कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। तर्क दिया कि जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमेंत सोरेन को भी कोर्टने चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी थी। सपा विधायक को भी मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति मिलनी चाहिए। याचिका पर सुनवाई मंगलवार को होगी।

