न्यूज़लिंक हिंदी, लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अभी जारी है। बता दे कि शनिवार यानी आज अभ्यर्थियों ने यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के घर का घेराव किया और नारेबाजी करते हुए नियुक्ति की मांग की।
बता दे कि अभ्यर्थियों की मांग है कि 6800 चयनितों को नियुक्ति दी जाए। उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट में लचर पैरवी करने का आरोप भी सरकार पर लगाया है। आप को बता दें कि 6 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक 6, 800 पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है। इसे लेकर आए दिन शिक्षक अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन करते रहते हैं। दिसंबर 2018 में 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, भर्ती में आरक्षण को लेकर सवाल उठे।
आरक्षण मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका डाली। हाईकोर्ट की लखनऊ ने बेंच ने सरकार को जून 2020 की सूची पर फिर से विचार करने को कहा है। मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि अधिकारियों ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (ATRI)-2019 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोटा तय करने में कई अवैध काम किए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अंतिम सूची की समीक्षा अगले तीन महीने के भीतर उचित तरीके से आरक्षण तय कर करे। लगभग इस मामले में 6 साल होने के हैं लेकिन दोनों अभी तक इस 6,800 अभ्यर्थियों की नियुक्त नहीं हो सकती है।
अभ्यर्थियों ने मंत्री के घर के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बसों में भरकर ईको गार्डेन भेज दिया। इसके पहले शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया था।
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