न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में UP Board की परीक्षा को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, 72 छात्राओं को गलत पेपर वितरित कर दिया गया। जिसके बाद ये पूरी तरह साफ़ हो गया की गलती स्कूल की ओर से ही हुई थी। दरअसल, यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान इंटर की छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह पर साहित्यिक हिंदी का प्रश्न पत्र वितरित कर दिया गया। घर जाकर जब छात्राओें ने इसका मिलान किया तो उनके सामने यह गलती साफ हो गई।

यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार एमजी सिविल लाइंस का सेंटर केनाल रोड स्थित जुहारी देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज पड़ा है। परीक्षा के पहले दिन गुरुवार केंद्र पर विज्ञान वर्ग की 72 छात्राओं को सामान्यस हिंदी के बजाए हिंदी का पेपर वितरित कर दिया गया। शाम को जब छात्राएं घर पहुंची तो उन्हें पता चला कि उन्हें गलत पेपर दिया गया है।
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इसकी शिकायत के लिए शुक्रवार को केंद्र पहुंची तो वहां पर उन्हें पता चला कि उन्हें वही पेपर दिया गया है जो उनके प्रवेश पत्र पर दर्ज है। ऐसे में छात्राएं जब अपने स्कूल पहुंची तो सामने आया कि स्कूल की ओर से बोर्ड के आवेदन भरते समय गलत पेपर कोड लिखवा दिया गया। ऐसे में छात्राओं और अभिभावकों की ओर से स्कूल की प्रधानाचार्या के समक्ष नाराजगी भी जताई।
मामला बढ़ता देख स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग को पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई। इस पर जब आवेदनों की जांच हुई तो सामने आया कि गलती स्कूल की ओर से ही हुई थी। शिक्षा विभाग की ओर से इस बाबत स्कूल को नोटिस जारी कर दिया गया है।
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पूरे मामले पर जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि जांच में स्कूल को दोषी पाया गया है। स्कूल की ओर से छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह हिंदी का प्रश्न पत्र कोड भरवा दिया गया। इस वजह से स्कूल को नोटिस जारी किया गया है। छात्राओं के भविष्य को देखते हुए मूल्यांकन में छूट बरतने के लिए बोर्ड को सूचना दी जा रही है।

