न्यूज़लिंक हिंदी, लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों को थाने और चौकी पर आने वाले लोगो के साथ और अच्छा व्यवहार करने को प्रेरित किया। बता दे कि लोकभवन में बीते कल यानी बुधवार को सीएम ने पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2,310 करोड़ रुपये की 144 परियोजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण भी किया।
जीरो टालरेंस की नीति के साथ निपटें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराधियों से जीरो टालरेंस की नीति के साथ निपटें, लेकिन आम लोगों के प्रति पुलिसकर्मियों का व्यवहार बेहद सरल होना चाहिए। लोकतंत्र में संवाद को महत्व देना होगा। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों में पीएसी की 54 कंपनियों को समाप्त करने के निर्णय पर आश्चर्य भी जताया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले यूपी कर्फ्यू ग्रस्त-दंगा ग्रस्त प्रदेश था। हमने, यूपी पीएसी की खत्म की गईं कंपनियों को फिर गठित किया। अब पीएसी दंगाइयों पर काल बनकर टूट पड़ती है।
अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने कड़ी मेहनत से आठ से 12 घंटों तक और विशेष अवसर पर 24 घंटे ड्यूटी पर डटे रहने वाले जवानों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया। छह वर्षों में उप्र पुलिस को केवल अवस्थापना सुविधाओं के लिए 18 से 20 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
सीएम ने आगे कहा महानगरों को छोड़कर आज किसी भी शहर में सबसे ऊंची बहुमंजिला इमारत वहां की पुलिस लाइन में बने बैरक व हास्टल की है। पुलिस में 1.60 लाख रिकार्ड भर्तियां व 1.50 लाख प्रोन्नति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शेष 57 जिलों में साइबर क्राइम थानों और सभी 1,532 थानों में साइबर सेल का शुभारंभ भी किया। वर्तमान में 18 परिक्षेत्रीय मुख्यालय स्तर पर पहले से संचालित हैं।
उन्होंने कहा कि अब किसी जिले में साइबर अपराध के शिकार पीड़ित को भटकना नहीं पड़ेगा। योगी आदित्यनाथ ने 18 मंडल मुख्यालयों पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन थाने, आठ जिलों में भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई तथा प्रयागराज व कुशीनगर में पर्यटन थाने का शुभारंभ भी किया।
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