न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में बीएससी की छात्रा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। नौबस्ता के आवास विकास हंसपुरम निवासी राकेश यादव की कापी किताबों की दुकान है। बताया कि कोरोना काल से बेटी कोमल अवसाद में चल रही थी। वह बीएससी की छात्रा थी। सोमवार को उनकी पत्नी दुकान पर खाना देने के लिए निकली तो बेटी ने मकान के प्रथम तल पर बने कमरे में साड़ी के सहारे पंखे के कुंडे में लटककर जान दे दी।
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एक महीने से तनाव में थी कोमल
राकेश ने बताया कि कोमल एसजे महाविद्यालय से बीएसी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। बीते एक महीने से वह मानसिक तनाव में चल रही थी। कुछ भी पूछने पर गुस्सा हो जाती थी। सोमवार की दोपहर को पत्नी उन्हें खाना देने दुकान आई थी। जब पत्नी वापस घर लौटी तो दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर पत्नी सीढ़ी लगाकर खिड़की से कमरे में देखा तो भीतर बेटी का शव साड़ी के सहारे फंदे से लटक रहा था।
सुसाइड नोट हुआ बरामद
”आज मरने से पहले मैं सोकर उठी, मैंने आखिरी बार सूर्य को आसमान में चमकते हुए देखा। मैंने आखिरी बार अपने गुलदस्ते में लगे फूल के पौधे को देखा। जिसे मैं बीते काफी समय से बढ़ते हुए देख रही थी। आज मरने से पहले मैंने अपनी खिड़की से देखा, जिसे मैं बचपन से देखते हुए चली आ रही हूं। जहां आंख बंद करने के बाद अचानक मेरे सामने बचपन की सभी यादें सामने आ गईं। आज मरने से पहले मैंने अपने लिए नाश्ता बनाकर खाया। मैंने अपने छोटे भाई को स्कूल जाते हुए देखा। मैंने अपनी मां का चेहरा देखा, जो खाना बनाने जा रही थी।” ये सभी बातें लिखने के बाद नौबस्ता में बीएससी की छात्रा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
थाना प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि छात्रा के रजिस्टर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। फिलहाल, उसमें आत्महत्या की वजह नहीं लिखी है। स्वजन ने छात्रा के मानसिक तनाव में होने की जानकारी दी है। छात्रा के मोबाइल को कब्जे में लेकर आत्महत्या की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।

