न्यूज़लिंक हिंदी। आज हम अपनी जरूरतों की हर चीजों को खरीदने के लिए ऑनलाइन वेबसाइटों का सहारा लेते हैं ताकि लोकल मार्केट में न भटकना पड़े और समान खुद घर तक चल कर आ जाए, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग करना भारी पड़ जाता है। ऐसा मामला उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तैनात महिला डिप्टी कलेक्टर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुई है।
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दरअसल, वंदना मिश्रा ने 30 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर अमेजन से मेडिकल उपकरण मंगाए थे। जब उनका ऑर्डर उनके पास पहुंचा तो उन्होंने देखा उनके होश उड़ गए। और देखा तो उसमें नेपकिन का पैकेट निकला है। एसडीएम वंदना मिश्रा ने इस पर एक्शन लेते हुए डिलीवरी बॉय को चौकी पहुंचाया। फिर उन्होंने अमेजन कंपनी के मैनेजर को एक दिन का समय देते हुए सही सामान डिलीवर करने को बोला। कहा कि अगर उनका ऑर्डर कराया हुआ सामान नहीं आता है तो वह उपभोक्ता फोरम में जाएंगी।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को एसडीएम वंदना मिश्रा को डिलीवरी बॉय उनके ऑर्डर का पैकेट थमाकर चला गया। लेकिन, महिला एसडीएम पैकेट देख थोड़ा शक हुईं। उन्होंने पैकेट में देखा कि उसका वजन ढाई किलो के आसपास लिखा हुआ है। असल में वह पैकेट काफी हल्का था एसडीएम ने पैकेट नहीं खोला। उन्होंने डिलीवरी बॉय को फोन किया। लेकिन डिलीवरी बॉय ने उनका फोन नहीं उठाया। इसके बाद होमगार्ड के जवानों की मदद से महिला एसडीएम ने डिलीवरी बॉय को ढूंढ निकाला।
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महिला एसडीएम ने उसे कहा कि क्या तुमने पैकेट लेने से पहले इसका वजन चेक किया? डिलीवरी बॉय ने कहा कि मैंने वजन नहीं चेक किया। मैं तो बस पैकेट लेकर बैग में डाल देता हूं। इसके बाद महिला एसडीएम ने उसे कहा कि तुम इस पैकेट को खोलो। डिलीवरी बॉय ने पैकेट खोला तो उसमें से सैनिटरी नैपकिन निकले, जिनकी कीमत 100 रुपये से भी कम है।
