न्यूज़लिंक हिंदी। केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू कर दिया है। जिसका विरोध भी देखने को मिल रहा है। वहीं अब CAA के खिलाफ एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने याचिका दायर की है। याचिका में ओवैसी ने नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की है। ओवैसी ने याचिका में मांग की है कि सीएए कानून के तहत किसी को भी नागरिकता न दी जाए।
इसके साथ ही ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने एनआरसी का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर करके अपील की है कि सीएए के कार्यान्वयन पर तत्काल रोक लगाई जाए। एआईएमआईएम चीफ ने कोर्ट से कहा कि सीएए के बाद देश में एनआरसी आ रहा है और ये दोनों का अपवित्र गठजोड़ है। एनआरसी के जरिए भारतीय मुसलमानों को निशाना बनाए जाने की योजना है।
असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि सीएए से उत्पन्न बुराई केवल नागरिकता प्रदान करने को कम करने में से एक नहीं है, बल्कि नागरिकता से इनकार करने के परिणामस्वरूप उनके खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई करने के लिए एक अल्पसंख्यक समुदाय को अलग-थलग करना है।
उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि निर्देश जारी करें कि इन कार्यवाहियों के लंबित रहने के दौरान, किसी भी व्यक्ति को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 2(1)(बी) के प्रावधानों का सहारा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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