न्यूज़लिंक हिंदी। दिल्ली उच्च न्यायालय बुधवार यानी आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्हें जारी किए गए सभी समन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।
ईडी ने केजरीवाल को अपना नौवां समन जारी कर उन्हें उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 मार्च को उसके सामने पेश होने के लिए कहा। केजरीवाल अब तक एजेंसी के आठ समन को नजरअंदाज कर चुके हैं।
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एजेंसी ने कहा कि उसने 2022 में मामला दर्ज होने के बाद से देश भर में 245 स्थानों पर तलाशी ली है और आप नेता सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कुछ शराब व्यवसायियों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। उसने इस मामले में अब तक कुल छह आरोप पत्र दाखिल किए हैं और 128 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है।
21 मार्च को पूछताछ के लिए होना है पेश
ईडी ने केजरीवाल को 17 मार्च को नौवां समन जारी कर 21 मार्च को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्डिंग मामले में भी पहला समन जारी कर 18 मार्च को पेश होने को कहा था, लेकिन केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए।
केजरीवाल ईडी द्वारा जारी किसी भी समन पर पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए हैं। बार-बार समन जारी होने के बाद भी पेश नहीं होने पर ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में एडिशनल चीफ मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमए) के समक्ष दो शिकायतें दायर की थीं।
इस मामले में एक अप्रैल को होनी है अगली सुनवाई
इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप राज्यसभा सदस्य संजय सिंह पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने केजरीवाल पर समन के गैर-अनुपालन का आरोप लगाया था। निचली अदालत ने ईडी के सामने पेश नहीं होने का अपराध जमानती होने के कारण आरोपित को जमानत दे थी। इस मामले में एक अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है।

