न्यूज़लिंक हिंदी। कल मेरठ में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली कई सियासी मामलों में अलग होने जा रही है। 15 साल बाद ये पहली रैली होगी जिसमें रालोद मुखिया चौधरी जयंत सिंह भाजपा के साथ मंच साझा करेंगे। मोदी और जयंत के साथ मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ रैली से पांच लोकसभा सीटों को साधेंगे।
रालोद को अमूमन सबसे ज्यादा भाजपा का साथ ही रास आया है। 2009 के लोकसभा चुनाव में चौधरी जयंत सिंह भाजपा गठबंधन में ही मथुरा से सांसद पूर्ण रूप से निर्वाचित हुए। रालोद को भाजपा ने सात लोकसभा सीटें दी। इनमें मुजफ्फरनगर और नगीना को छोड़कर रालोद ने बागपत, हाथरस, मथुरा, अमरोहा और बिजनौर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में रालोद ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जिसमें आरएलडी की लगभग 14 सीटें जीतने में सफल रही, लेकिन चुनाव के बाद अजित सिंह ने अटल सरकार से इस्तीफा दे दिया और भाजपा ने गठबंधन तोड़ लिया।
इस लिहाज से ये रैली दोनों दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रैली के जरिए मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा कैराना और बिजनौर लोकसभा को साधा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी और जयंत चौधरी कल मेरठ से पश्चिम की पांच लोकसभाओं को साधेंगे। 15 वर्ष बाद ऐसा पहली बार होगा जब भाजपा और रालोद का कुनबा एक ही मंच पर साथ दिखेगा।
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