न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर में जबरन धर्मांतरण कराने के लिए दो बसों से लोगों को नवाबगंज उन्नाव के एक चर्च ले जाए जाने की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार देर रात गंगा बैराज पर पहुंचकर दो बसों में सवार 110 लोगों को उतार कर उनसे पूछताछ की। एक युवक ने अपनी पत्नी समेत अन्य पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने ईसाई धर्म के दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दोनों आरोपियों को नोटिस देने के बाद सभी को थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि एक युवक के अलावा और किसी ने धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की शिकायत नहीं की है। हालांकि बाद में भी कोई इस संबंध में शिकायत करता है तो उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा। शहर के रावतपुर, मसवानपुर, अर्मापुर और रतनपुर समेत कई इलाकों से बसों से लोगों को उन्नाव के नवाबगंज स्थित एबीसी चर्च ले जाया जा रहा था।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार ने देर रात करीब दो बजे बैराज पर पुलिस फोर्स के साथ चेकिंग शुरू की।
दो बसों को रोककर उसमें सवार लोगों को उतारकर थाने लाया गया। इन्हीं लोगों में से अर्मापुर इस्टेट निवासी संजय वाल्मीकि ने ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को धर्मांतरण का दबाव बनाने की सूचना दी थी।
मूलरूप से बदायूं निवासी संजय ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार में पत्नी संगीता, दो बेटे ऋषभ और ऋतिक हैं। पत्नी, बेटे, सास गीता देवी व ससुराल के अन्य लोग कई साल पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं। संजय के मुताबिक अब ससुराल वाले उस पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं।
आरोप है कि उनकी बात न मानने पर उसे जेल भी भिजवा दिया था।
जमानत पर बाहर आया तो फिर से दबाव बनाने लगे। लगभग 50 हजार रुपये और इलाज कराने का लालच दिया गया। नवाबगंज पुलिस ने संजय वाल्मीकि की तहरीर पर बस में सवार कल्याणपुर, आवास-विकास निवासी साइमन विलियम और नवाबगंज विष्णुपुरी निवासी दीपक मोरिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
इसी दौरान थाने में आरोपियों के पक्ष से लोगों का हुजूम जुट गया और पकड़े गए साइमन व दीपक को छोड़ने का दबाव भी बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों को थाने से पूर्ण रूप से छोड़ दिया गया।
संजय वाल्मीकि की तहरीर पर धर्मांतरण कराने के आरोप में साइमन विलियम और दीपक मोरिस के खिलाफ पूर्ण रूप से रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों से कढ़ी पूछताछ की गई। इसके बाद सीआरपीसी की धारा 141 नोटिस देकर थाने से छोड़ा गया है।

