Gorakhpur : एक थी मरियम प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी की हुई मौत, सभी ने दी नम आंखों से श्रद्धांजलि

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न्यूज़लिंक हिंदी। शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान की बब्बर शेरनी मरियम का निधन हो गया। सोमवार को सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर मरियम ने अंतिम सांसे लीं। पिछले कुछ महीनों ने मरियम बीमार चल रही थी और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। चिड़ियाघर प्रबंधन लंबे समय से इसके स्वस्थ होने का प्रयास कर रहा था।

शेरनी अपने सामान्य उम्र 18 वर्ष से अधिक की हो गई थी और इससे बीमार होने के बाद वापस स्वस्थ में उसे काफी दिक्कत उठानी पड़ी रही थी। सोमवार को डीएफओ व निदेशक चिड़ियाघर विकास यादव संग चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह की देखरेख में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ।

सभी ने फूल और माला चढ़ाकर मरियम को याद कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद चिड़ियाघर के इंसीनरेटर मशीन में मरियम का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। दरअसल, चिड़ियाघर की शेरनी प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी थी। सामान्य उम्र की तुलना में चिड़ियाघर में मरियम की जीवन तीन वर्ष अधिक हो गया है। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2021 में 17 वर्ष की उम्र में मरियम की तबीयत अत्यधिक खराब हुई थी।

लेकिन, तबीयत खराब होने पर लेटने के बाद उनका उठना बेहद कठिन हो जाता।  मरियम के साथ भी हुआ। हालांकि, प्रयासों के बाद तरीबन दस दिनों तक फिर से उम्मीद जगी। लेकिन, रविवार की रात में सभी प्रयासों के बाद भी मरियम को नहीं बचा सके।

इटावा लॉयन सफारी से बाघिन मरियम को गोरखपुर लाया गया था। इटावा में गुजरात के शक्करबाग चिड़ियाघर से इन्हें लाकर रखा गया था। डॉ योगेश सिंह ने बताया कि प्रबंधन की सतर्कता और समय-समय पर चिकित्सकीय उपचार की वजह से अभी तक वह पूरी तरह से स्वस्थ रही है।

मरियम की क्षति भर पाना आसान नहीं होगा। चिड़ियाघर में लंबा समय मरियम ने व्यतीत किया था। इसकी स्मृति शेष के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि चिड़ियाघर में मरियम की याद को संरक्षित किया जा सके।

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