न्यूज़लिंक हिंदी। मंडल में बसपा को अपने ही पुराने साथियों से ही चुनौतियां मिल रही हैं। यहां मुरादाबाद लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी हो या संभल में भाजपा उम्मीदवार या फिर अमरोहा में कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे दानिश अली। सभी उम्मीदवार हाथी के साथी रह चुके हैं। अब पाला बदल कर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
मुरादाबाद मंडल की सभी छह सीटों पर बसपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा कब्जा करना चाहती हैं। सभी पार्टियों के प्रत्याशी अपने अपने दावे ठोक रहे हैं। इन सभी सीटों पर बसपा का मुकाबला अपने ही पुराने साथियों से है।
इनके अलावा रामपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी पर भाजपा ने दोबारा दांव लगाया है। घन श्याम लोधी भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। जबकि संभल में भाजपा उम्मीदवार परमेश्वर लाल सैनी भी बसपा में लंबे समय तक रहे हैं।
नगीना सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. ओम कुमार भी हाथी की सवारी कर चुके हैं। परिणाम क्या रहेंगे ये तो आने वाला वक्त बताएगा और वोटरों का रुख तय करेगा। फिल हाल चर्चा इस बात की है कि बसपा इन चुनौतियों से पार पाएगी या फिर पुराने साथी बसपा को मात देकर सफल पाएंगे।
सपा से गठबंधन में कांग्रेस को अमरोहा लोकसभा सीट मिली है। कांग्रेस ने यहां से सांसद दानिश अली को प्रत्याशी बनाया है। दानिश अली लोकसभा 2019 में अमरोहा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। दानिश अली को इस चुनाव में जीत मिली थी।
दानिश 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बसपा में शामिल हुए थे। 2019 में बसपा में शामिल होने से पहले वह कर्नाटक में जनता दल में थे। अब कांग्रेस में शमिल हो चुके हैं।
संभल में सपा प्रत्याशी जियारर्हमान बर्क के दादा डॉ. शफीकुर्रहमान भी बसपा की टिकट पर 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली थी। हालांकि कुछ दिन बाद ही सपा में दोबारा शामिल हो गए थे।

