न्यूज़लिंक हिंदी। मायावती की रणनीति शुरू में ही पार्टी उम्मीदवार घोषित करने की रही है, लेकिन इस बार वह पिछड़ती हुई दिख रही हैं। वहीं, भाजपा, सपा और कांग्रेस ज्यादातर सीटों पर टिकटों का ऐलान कर चुकी हैं। अभी तक प्रत्याशियों का ऐलान होने से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं।
इस लोकसभा चुनाव में NDA में भाजपा को 75 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। बाकी दो-दो सीटों अपना दल और एक सुभासपा को मिली है। भारतीय जनता पार्टी अपने खाते की 75 सीटों में से 63 पर प्रत्याशियों का कर चुकी है। वहीं, I.N.D.I.A. में सपा के खाते में 73 और कांग्रेस के खाते में 17 सीटें पर हैं। सपा 63 में से 48 सीटों पर प्रत्याशी पूर्ण रूप से घोषित कर चुकी है।
वहीं, कांग्रेस 17 में से 14 पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा ही है, जो अभी तक 80 सीटों में से महज 36 पर ही प्रत्याशियों का ऐलान कर सकी है। अभी 44 सीटों पर उसके प्रत्याशियों का इंतजार है। बसपा की इस रणनीति ने हर किसी को हैरान कर दिया है। साथ ही, कई सवाल भी पूर्ण रूप से खड़े होने लगे हैं।अमूमन बसपा बतौर प्रत्याशी सबसे पहले प्रत्याशियों के चेहरों का पूर्ण रूपसे ऐलान कर देती है। पिछले चुनावों में आधिकारिक लिस्ट भी काफी पहले घोषित हो जाती थी।
इस बार चुनाव अधिसूचना से पहले कुछ सीटों पर लोकसभा प्रभारी घोषित कर दिए लेकिन आधिकारिक लिस्ट काफी देर से आई। अब तक बसपा तीन लिस्ट जारी करके 36 प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। प्रत्याशियों के ऐलान में देरी की एक वजह यह बताई जा रही है कि कई सीटों पर जो प्रभारी घोषित किए गए हैं,

