न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश में चौथे चरण की 13 सीटों पर लोकसभा चुनाव 2024 के लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू हो गई। अवध, तराई और सेंट्रल यूपी के 13 जिलों में होने वाले चुनाव में भाजपा और सपा-कांग्रेस के बीच ही लड़ाई है, जिसे बसपा त्रिकोणीय बनाने में लगी है।
चौथे चरण में शाहजहांपुर , खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई , मिश्रिख , उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा , कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच में चुनाव होंगे। इनमें कन्नौज सीट 2014 में सपा ने जाती थी, जबकि बाकी 12 सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ था। 2019 में 12 सीटों को फिर कब्जाने के साथ कन्नौज को भी भाजपा ने अपनी झोली में डाल लिया था।
शहरी, कस्बाई व दलित बहुल इलाकों को समाहित करने वाली इन सीटों में इस बार विपक्ष ने भी सामाजिक समीकरणों को कसने पर ध्यान लगाया है। वहीं, भाजपा मोदी की गारंटी व पिछले दो चुनावों में वोट बैंक के जमीनी विस्तार के भरोसे फिर क्लीन स्वीप का ख्वाब देख रही है। 13 मई को इन 13 सीटों के साथ शाहजहांपुर की ददरौल विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव भी होगा।
पिछले दो चुनाव में जीत का परचम लहराने वाले टेनी के पास इस बार हैटट्रिक का पूर्ण मौका मिला है। किसान आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शन में यहां जीप से कुचलकर किसानों की मौत के मामले में टेनी के बेटे आशीष मिश्रा आरोपित हैं। इसलिए, विपक्ष टेनी की उम्मीदवारी को किसान बेल्ट में मुद्दा बना रहा है। सपा ने इस बार नए चेहरे उत्कर्ष वर्मा को टिकट दिया है।
सपा के लिए यह सीट नाक का सवाल है क्योंकि सैफई परिवार से इसकी दावेदारी जुड़ती है। अब तक सपा का चेहरा तय नहीं हुआ है, लेकिन अखिलेश यादव के खुद लड़ने की चर्चा है। इसलिए, इत्र के शहर में जीत की खुशबू के लिए पक्ष-विपक्ष के सामने कठिन लड़ाई है।

